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Lucknow News: ... और कैश की तरह एटीएम से निकलने लगा गेहूं, जिले का पहला ग्रेन एटीएम शुरू, सरकारी राशन के लिए नहीं लगानी पड़ेगी कतार, घटतौली पर भी लगेगा अंकुश

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लखनऊ। जानकीपुरम के मड़ियांव गांव की विद्यादेवी ने जैसे ही अंगूठे का बायोमेट्रिक स्कैन कराया, ग्रेन एटीएम से सरकारी राशन बोरे में निकल आया। इसके साथ बुधवार को जिले में पहले ग्रेन एटीएम की शुरुआत हो गई। राज्यमंत्री खाद्य एवं रसद और नागरिक आपूर्ति सतीश शर्मा ने हसनगंज खाद्य क्षेत्र के मड़ियांव गांव में सरकारी राशन विक्रेता पंकज गिरि की दुकान में इसका शुभांरभ किया। उन्होंने तीन अंत्योदय कार्ड धारकों को इस एटीएम से गेहूं, चावल निकालकर दिया। लाभार्थी को ग्रीन एटीएम से कनेक्ट पॉस मशीन में अगूंठा लगाकर बायोमेट्रिक स्कैन कराना होगा। इसके बाद एटीएम से तय यूनिट के अनुसार गेहूं, चावल आउटलेट में लगे बोरे में मात्र दो मिनट में निकल जाएगा। ऐसे में लोगों को घंटों कतार में नहीं लगना पड़ेगा। ग्रेन एटीएम के शुभारंभ पर अपर जिलाधिकारी नागरिक आपूर्ति साहब लाल, अपर आयुक्त खाद्य रसद अखिल कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी सुनील सिंह, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी संतोष कुमार सिंह आदि थे।
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12 लाख रुपये आया खर्च
जिला पूर्ति अधिकारी सुनील सिंह ने बताया कि अभी कोटेदार को एक लाभार्थी को राशन देने में काफी समय लग जाता है। इसके बाद तौल करवाई जाती है। कई लोग घटतौली की भी शिकायत करते हैं। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र संघ के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के तहत लगा यह एटीएम इन समस्याओं का निदान है। इसे अन्नपूर्ति नाम दिया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत 12 लाख रुपये खर्च कर एक दुकान में यह ग्रेन एटीएम लगाया गया है। इसका आगे विस्तार होगा।

20 को मिला नया राशन कार्ड
राज्य मंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार गरीबों को मुफ्त राशन बांट रही है। जो पात्र नहीं हैं, वे स्वेच्छा से अपना राशन कार्ड सरेंडर कर सकते हैं। प्रदेश में आठ लाख लोग ऐसा कर चुके हैं। मौके पर 20 नए पात्रों को राशन कार्ड दिया गया।
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मंत्री के हाथों बंटवा दिए उज्ज्वला के पुराने कनेक्शन
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के अफसरों ने वाहवाही लूटने के लिए
पांच साल पुराने 20 लाभार्थियों को नया बताकर राज्यमंत्री के हाथों प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के
कनेक्शन बंटवा दिए। लाभार्थियों ने बताया कि वर्ष 2018 में योजना के तहत कनेक्शन मिला था। बुधवार को एचपीसीएल के अफसरों ने कहा कि अपने गैस कनेक्शन की किताब, कागज लेकर आ जाना, एक मीटिंग है। यहां किताब जमा करवा ली गई, जो बाद में मंत्री के हाथों वापस दिलवा दी गई।
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