फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: लखनऊ में बन रही देश की पहली पूर्ण विकसित AI सिटी, यहां बना पहला AI आधारित स्तन कैंसर स्क्रीनिंग केंद्र

Thu, 20 Nov 2025 08:32 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

राजधानी लखनऊ में देश की पहली पूर्ण विकसित AI सिटी बन रही है। वहीं, फतेहपुर में देश का पहला एआई आधारित स्तन कैंसर स्क्रीनिंग केंद्र बना है। प्रदेश के 10 लाख से अधिक किसान एआई से जुड़ गए हैं। अब जवाबदेही भी तय हो रही है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : adobe stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश की राजधानी को देश की पहली पूर्ण विकसित एआई सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। बाकी स्मार्ट सिटी मॉडलों की तुलना में यहां तकनीक ढांचों को मजबूत किया जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन का एआई आधारित राष्ट्रीय कमांड सेंटर भी बनाया जा रहा है।

विज्ञापन


बता दें कि, फतेहपुर में देश का पहला एआई-आधारित स्तन कैंसर स्क्रीनिंग केंद्र बनाया गया है, जो इलाज में अधिक सटीकता और बीमारी की शुरुआती पहचान करने में सक्षम है।
इसके अलावा सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नि:शुल्क एआई और क्लाउड कोर्स की शिक्षा दी जा रही है, ताकि अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य-तकनीक विशेषज्ञ तैयार किए जा सकें। शिक्षा ढांचा भी डिजिटल रूप से नए सिरे से तैयार हो रहा है। 

10 लाख से अधिक किसान एआई सलाह से जुड़े

माध्यमिक शिक्षा परीक्षाओं में एआई बॉट्स सहायक भूमिका निभा रहे हैं, जिससे गलतियां और अनियमितताएं कम हो रही हैं। शिक्षक व छात्र एआई टूल्स में प्रशिक्षित हो रहे हैं, जिससे सीखने के नए मार्ग खुल रहे हैं। इसके अलावा विश्व बैंक समर्थित यूपी एग्रीज के माध्यम से 10 लाख से अधिक किसान अब एआई आधारित सलाह से जुड़ चुके हैं। 

विज्ञापन


उपग्रह चित्रों, मिट्टी विश्लेषण, मौसम मॉडल आदि आधारित संसाधन ट्रैकिंग का उपयोग कर रहे हैं। इससे फसल उत्पादन में सुधार, जोखिम का पूर्वानुमान, पानी व खाद का कम से कम उपयोग तथा संसाधनों की सटीक निगरानी संभव हुई है।

सुरक्षा भी कर रहा एआई

राज्य में एआई आधारित प्रणालियां कानून-व्यवस्था को नए स्तर पर ले जा रही हैं। इसके लिए अनेक कार्य हो रहे हैं, जिसके परिणाम भी मिल रहा है। इनमें फेसियल रिकॉग्निशन नेटवर्क, वाहन ट्रैकिंग, पुलिस नियंत्रण कक्षों से जुड़े एसओएस सिस्टम, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स आधारित निगरानी और जेलों में एआई सुरक्षा तंत्र की स्थापना शामिल है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें