निर्भया फंड से प्रदेश में बन रहे साइबर फोरेंसिक लैब अप्रैल तक अस्तित्व में आ जाएगा। यूपी 100 में बनने जा रही इस लैब की निगरानी और नोडल अधिकार एसटीएफ का होगा। लैब में लगने वाले उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया अंतिम दौर में है।
महिला व बच्चों के प्रति होने वाले साइबर अपराध की रोकथाम के लिए निर्भया फंड के तहत इसकी स्थापना की जा रही है। लैब के उपकरणों की खरीद के लिए बनी क्रय समिति के सदस्य एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह ने बताया कि इस माह के दूसरे सप्ताह तक खरीद की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और उसके बाद लैब के अस्तित्व में आने में एक से डेढ़ माह का समय लगेगा।
उन्होंने बताया कि अप्रैल माह तक लैब में काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए पुलिस कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। जिसमें महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराध में किस तरह सुबूत इकट्ठा किया जाए, न्यायालय में किस तरह प्रस्तुत किया जाए, के बारे में बताया जाएगा। अभिषेक ने बताया कि लैब को यूपी एसटीएफ तकनीकी मदद मुहैया कराएगी।
लैब में प्रदेश के सभी जिलों के पुलिसकर्मियों को महिलाओं व बच्चों के साथ होने वाले साइबर क्राइम से निपटने व उन्हें अंजाम देने वाले साइबर अपराधियों की पहचान किस तरह की जाए इसके बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि न्यायिक अधिकारियों को भी प्रशिक्षण के लिए बुलाया जाएगा जो साइबर अपराध से संबंधित मामलों में साक्ष्यों के संकलन और अन्य प्रक्रियाओं के बारे में बताएंगे।