सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश में दिवाली पर रात आठ से दस बजे के बीच ही पटाखे फोड़े जा सकेंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार ने लड़ियों वाले पटाखे फोड़ने पर रोक लगाते हुए पटाखों की ऑनलाइन बिक्री प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही कम वायु प्रदूषण वाले और ग्रीन पटाखों का प्रयोग सुनिश्चित कराने का भी निर्देश दिया गया है।
प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण कल्पना अवस्थी ने पटाखों के प्रयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का कड़ाई के पालन कराए जाने के संबंध में भी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों व पुलिस कप्तानों को निर्देश भेजे हैं।
उन्होंने पटाखों से होने वाले दुष्प्रभाव को कम करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा है। इस निर्देश के मुताबिक पटाखे फोड़ने की समयावधि व स्थान के संबंध में जारी निर्देशों का उल्लंघन होने पर संबंधित पुलिस स्टेशन के प्रभारी जिम्मेदार होंगे।
किसी भी शांत क्षेत्र (जैसे अस्पताल, शैक्षिक क्षेत्र व न्यायालय क्षेत्र आदि) के सौ मीटर की परिधि में पटाखे फोड़ा जाना प्रतिबंधित किया गया है। पटाखों की बिक्री लाइसेंसधारी विक्रेता ही कर सकेंगे।