लखनऊ। सरोजनीनगर के ट्रांसपोर्टनगर में शुक्रवार देर रात एक मोटर गैराज में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते लपटों ने आसपास की पांच और दुकानों के साथ ही वहीं खड़े दो ट्रकों को भी चपेट में ले लिया। इससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। अग्निशमन कर्मचारियों ने छह दमकल की मदद से कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। मगर तब तक दोनों ट्रकों के साथ ही छह दुकानों का लाखों का सामान जल चुका था। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
कानपुर रोड की एलडीए कॉलोनी सेक्टर-एफ निवासी राजेंद्र उर्फ राजू का सरोजनीनगर के ट्रांसपोर्टनगर की पार्किंग नंबर आठ में राजू ऑटो गैराज है। शुक्रवार रात करीब 12 बजे राजू के गैराज से अचानक धुआं और तेज लपटें निकलने लगीं। आसपास के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया मगर हवा के तेज झोकों के चलते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। इससे राजू गैराज के बगल में टायर सर्विस की दुकान चलाने वाले मोहम्मद जुल्फिकार, जवाहरलाल लोहार, जगदीश कमानी, रियाज मोटर मकैनिक और शकील मोटर गैराज में भी आग लग गई। इन्हीं दुकानों के पास में खड़े दो ट्रक भी लपटों की चपेट में आकर जलने लगे। दुकानों और ट्रकों से उठती लपटों से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई।
पीआरवी पहुंची और सरोजनीनगर फायर स्टेशन पर सूचना दी गई। कुछ देर में ही दो दमकल लेकर पहुंचे अग्निशमन कर्मचारियों ने आग बुझानी शुरू की। आग की भयावहता देख चार और दमकल बुलाई गईं। करीब तीन घंटे की मशक्कत से आग पर काबू पाया जा सका। अग्निकांड में लाखों रुपये के नुकसान की बात कही जा रही है। हालांकि आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
प्लॉट आवंटित होने पर भी न बना फायर स्टेशन
लखनऊ। ट्रांसपोर्टनगर के व्यापारियों का कहना है कि उनकी एसोसिएशन कई बरस से एलडीए, जिला प्रशासन और नगर निगम से यहां फायर स्टेशन का निर्माण कराने की मांग कर रही है। ट्रांसपोर्टनगर में फायर स्टेशन के लिए प्लॉट आवंटित होने के बावजूद इसका निर्माण नहीं कराया जा रहा है। ऐसे में हर साल आग लगने की घटनाओं में लाखों रुपये का नुकसान होता है। व्यापारियों का कहना है कि यहां फायर स्टेशन शुरू होने से कानपुर रोड व आसपास के अन्य इलाकों में भी अग्नि सुरक्षा आसान होगी।