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बाल गृह में लगी आग में फंसे 43 बच्चे, निकाले गए

Sun, 15 Feb 2015 12:32 AM IST
अभिषेक यादव/अमर उजाला, लखनऊ
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सूबे की राजधानी लखनऊ के प्राग नरायण रोड स्थित राजकीय बाल गृह (शिशु) में शनिवार को अचानक आग लग गई। इस दौरान परिसर में पांच नवजात सहित 43 बच्चों की जान सांसत में रही।
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हालांकि कुछ कॉलेज स्टूडेंट्स की समझदारी और प्रयासों से सभी बच्चे बाल-बाल सुरक्षित निकाल लिए गए। ये स्टूडेंट्स शनिवार को बच्चों के साथ वैलेन्टाइन डे मनाने बाल गृह आए थे। बताया जा रहा है कि शॉट सर्किट के कारण हादसा हुआ।

वैलेटाइन डे पर एमिटी लखनऊ व नर्सी मुंजी मुंबई जैसे कॉलेजों के कुछ विद्यार्थी बाल गृह के बच्चों के साथ सेलिब्रेशन के लिए आए हुए थे। इस बीच उन्हें सुबह करीब 11 बजे कुछ जलने की गंध आई। जल्द ही उन्होंने देखा कि आश्रय गृह के मेन गेट के पास लगे प्लग से धुआं व चिंगारियां निकल रही है। इस बीच वहीं रखे फ्रिज में जोरदार धमाका हुआ और सारी जगह आग लग गई।
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इस घटना के बारे में आग बुझाने में शामिल रहे पुष्पांजन ने बताया कि तेजी से आग और काला धुआं पूरे भवन में नजर आ रहा था। उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर वहां मिली बजरी उठाकर आग पर डालना शुरू कर दिया। बालगृह के कर्मचारी पास ही मौजूद समाज कल्याण भवन से तीन अग्निशमन यंत्र लेकर आए। जिसे उन्होंने फ्रिज पर डालना शुरू किया।

5 नवजात भी थे, बेहद करीब से गुजरी मौत

इस बीच कर्मचारी और कुछ विद्यार्थी पीछे के रास्ते अंदर घुसे और बच्चों को बाहर निकालने लगे। एक ओर आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन धुआं इतना ज्यादा था कि पूरे भवन में भर गया। अंदर बच्चों का दम घुटने की आशंका को देखते हुए उन्हें पीछे के ही रास्ते बाहर निकाला गया।

इस बीच दमकल और पुलिस भी मौके पर पहुंची और आग को बुझाया गया। आग बुझने पर सभी ने शुक्र मनाया कि कोई बच्चा जख्मी नहीं हुआ और मौके पर स्टूडेंट्स द्वारा दिखाई सूझबूझ की सभी ने सराहना की।

बाल गृह में पांच नवजात बच्चे भी थे, जिनकी उम्र एक महीने से कम थी। आग लगने पर उन्हें गोद में उठाकर स्टाफ और स्टूडेंट्स दौड़ पड़े। यहां कुल 54 बच्चे हैं, जिनमें से 11 मेडिकल के लिए बाहर गए हुए थे। एक बच्चा नेत्रहीन था। इन सभी बच्चों की उम्र 10 वर्ष से कम थी।

वहीं जिस जगह फ्रिज लगा था, उसी के पीछे बिजली के मेन स्चिव व फ्यूज लगे हुए थे। आग बुझाते समय पुष्पांजन ने इन्हें बंद किया, वरना आग और बड़ी हो सकती थी। धमाका और आग इतनी तेज थी कि छत का प्लास्टर गिर गया तो वहीं दरवाजे जल गए। पेंटिंग भी जल गई और कांच तक टूट गए।
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हादसे के बाद जागे, कहा स्टाफ को देंगे ट्रेनिंग

महिला एवं बाल कल्याण विभाग के निदेशक शिवाकांत द्विवेदी और डीपीओ लखनऊ योगेश सक्सेना मौके पर पहुंचे। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण हादसा बताते हुए कहा कि स्टाफ को बचाव कार्य की ट्रेनिंग दी जाएगी।

उन्होंने माना कि आग लगने पर कर्मचारियों को बचाव कार्य के लिए सही प्रशिक्षण नहीं मिला था। इसके अलावा बिजली की फिटिंग व इमारत के क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त करवाएंगे।

बचाने में जला हाथ, होगा सम्मान
बच्चों को बचाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले पुष्पांजन और दुर्गेश शुक्ला को महिला एवं बाल कल्याण विभाग पुरस्कृत करेगा। यह घोषणआ निदेशक शिवाकांत ने की।

आग बुझाने के दौरान पुष्पांजन का हाथ जल गया था। वहीं आग पर काबू पाने के बाद स्टूडेंट्स ने बच्चों के साथ वैलेंटाइन डे मनाया। बच्चों को चॉकलेट और रिफ्रेंशमेंट दिया गया।
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