निशातगंज स्थित मेट्रो सिटी अपार्टमेंट में डिप्टी एसपी राहुल मिठास के फ्लैट में मंगलवार शाम आग लग गई। लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन एक के बाद एक धमाकों से दहशत फैल गई। लोग फ्लैट छोड़कर सड़क पर निकल आए। आसपास का इलाका धुआं से भर गया।
सूचना पाकर हजरतगंज फायर स्टेशन से तीन दमकल पहुंची और डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया। आग से डिप्टी एसपी की गृहस्थी पूरी तरह खाक हो गई। परिवारीजनों ने लाखों का नुकसान होने की आशंका जताई है। आग से तीन घंटे तक लोगों की सांसें अटकी रहीं।
राहुल बागपत में तैनात हैं। उनकी पत्नी पंखुड़ी और बेटा कार्तिक अपार्टमेंट के फर्स्ट फ्लोर के फ्लैट संख्या ई-12 में रहते हैं। पंखुड़ी का कहना है कि शाम करीब साढ़े चार बजे वे बेटे को पढ़ा रही थीं तभी दूसरे कमरे से धुआं उठता दिखा।
धमाकों से दहशत में आए लोग
कमरे में लपटे उठती देख शोर मचाया तो पड़ोस के फ्लैट में रहने वाले लोग आ गए। हालांकि, इसी बीच धमाके होने लगे। मदद करने आए लोग घबरा गए और चीख-पुकार मचाते हुए अपार्टमेंट से बाहर सड़क पर आ गए। पंखुड़ी भी बेटे को गोद में उठाकर चीखते हुए बाहर भागीं।
सूचना पाकर महानगर, हजरतगंज सहित आसपास के थानों की फोर्स और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई। हालांकि, तब तक डिप्टी एसपी के फ्लैट का लगभग सारा सामान फुंक चुका था। पंखुड़ी का कहना है कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी है। फायर ब्रिगेड की टीम भी यही आशंका जताते हुए जांच कर रही है।
आग लगने के बाद हुए धमाके पटाखों के माने जा रहे हैं। हालांकि, पंखुड़ी ने पटाखे होने की बात से इन्कार किया है। अग्निशमन यंत्र थे लेकिन कोई चलाना नहीं जानता था अपार्टमेंट में अग्निशमन यंत्र लगे थे लेकिन कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं था जो इनको इस्तेमाल करना जानता हो।
आग बुझाने की जगह भागे सुरक्षाकर्मी
आग लगते ही सुरक्षाकर्मी भी भाग खड़े हुए जबकि उन्हें अग्निशमन यंत्रों का प्रयोग कर आग पर काबू पाना चाहिए था।
सीढ़ियों से गिरते-पड़ते भागी महिलाएं और बुजुर्ग दहशत में अपार्टमेंट के लोग बाहर निकलने के लिए लिफ्ट की तरफ भागे।
लिफ्ट फुल होने पर सब सीढ़ियों से नीचे उतरने लगे। यहां भी धक्का-मुक्की होती रही। कुछ महिलाएं और बुजुर्ग सीढ़ियों पर गिर पड़े। करीब पांच मिनट में ही पूरा अपार्टमेंट खाली हो गया। आग पर पूरी तरह से काबू पाए जाने के बाद भी एक घंटे तक लोग डर के कारण फ्लैट में नहीं गए।
आग से इलाके में धुआं छा गया जिससे बचाव कार्य ठीक से नहीं हो सका। कुछ मिनट तक तो फायर ब्रिगेड की टीम यही नहीं पता लगा सकी कि किस फ्लैट में आग लगी है। अपार्टमेंट के लोगों की मदद से फायर की टीम फ्लैट तक पहुंची और भीतर पानी फेंकने की जगह बनाई तब जाकर लपटें कुछ शांत हुईं।
डिप्टी एसपी के फ्लैट में एक भी सामान बाकी नहीं रहा। पंखुड़ी बेटे को लेकर रात गुजारने के लिए एक करीबी के घर चली गईं। देर रात तक डिप्टी एसपी राजधानी नहीं पहुंचे थे।