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शो रूम में भीषण आग, एक करोड़ का माल खाक

Sat, 27 Jun 2015 02:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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आलमबाग के गीता वस्त्रालय में बृहस्पतिवार देर रात भीषण आग लग गई। चार मंजिला शोरूम से ऊंची लपटें उठने लगीं। दमकल की नौ गाड़ियों को आग बुझाने में दस घंटे लगे। उन्हें कई बार पानी लेने जाना पड़ा। दमकल दस्ते ने शॉर्ट सर्किट से आग की आशंका जताई है। दुकान मालिक ने एक करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान बताया है।
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मानकनगर थाना क्षेत्र में कानपुर रोड स्थित आलमबाग बाजार में गीता वस्त्रालय के चार मंजिला शोरूम से धुआं उठते देख गार्ड ने रात 1:45 बजे मालिक गोपाल जालान व मैनेजर को कॉल की। दोनों आननफानन में मौके पर पहुंचे और 2:20 बजे फायर स्टेशन को फोन करने के साथ शोरूम का शटर खोला। शटर खुलते ही चौथी मंजिल से ऊंची लपटें उठनी शुरू हो गईं।

आलमबाग फायर स्टेशन से रात 2:26 बजे पहुंची फायरब्रिगेड ने भीषण आग देखकर उच्चाधिकारियों को सूचना देने के साथ अन्य गाड़ियों की मांग की। आलमबाग फायर स्टेशन से एक और गाड़ी मौके पर पहुंची। इसके बाद सीएफओ अभयभान पांडेय सरोजनीनगर, पीजीआई, चौक व हजरतगंज से सात और गाड़ियां बुलाने के साथ खुद मौके पर पहुंचे।
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जेसीबी से दीवार तोड़कर बुझाई आग
एलएनटी की जेसीबी से दीवार तोड़कर दमकल दस्ते ने आग बुझाने के साथ गीता वस्त्रालय से सटी इमारतों पर भी पानी की तेज धार छोड़कर आग को बढ़ने से रोका। तीन गाड़ियों को एक साथ आग बुझाने पर लगाया गया। टैंक खाली होते ही वह दोबारा पानी लेने रवाना होती और दूसरी गाड़ियों की टीम आग बुझाने में जुट जातीं। सुबह छह बजे आग पर काबू पाया जा सका लेकिन उसे पूरी तरह बुझाने में दस घंटे लग गए।

बेसमेंट में रेडीमेड कपड़ों का शोरूम पानी से डूबा

शोरूम की तीन मंजिलों पर लेडीज गारमेंट्स, साड़ियां, शूटिंग-शर्टिंग, चादर, बेडशीट, फर्नीचर स्वाहा हो गया। शीशे धमाके के साथ टूट गए। भूतल से लगी आग बेसमेंट में नहीं पहुंची थी, लेकिन आग बुझाने में इस्तेमाल हजारों लीटर पानी बेसमेंट में भरने से जेंट्स रेडीमेड कपड़ों का शोरूम डूब गया। सारे कपड़े खराब हो गए।

काम आई मेट्रो की टीम
बारिश के दौरान गीता वस्त्रालय में आग लगने की सूचना पर पहुंचे दमकल दस्ते ने बिजली आपूर्ति बंद कराई। अंधेरे में आग बुझाने में दिक्कत आते देख मेट्रो के काम में जुटे एलएनटी के कर्मचारियों ने रोशनी की व्यवस्था की। अपनी जेसीबी से शोरूम की दीवार तोड़वाई। ऊंचाई तक पहुंचने के लिए अपनी क्रेन दमकल दस्ते को उपलब्ध कराई।

ऐनवक्त  पर खराब हुआ हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म
बहुमंजिली इमारतों की आग बुझाने में इस्तेमाल किए जाने वाले हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म को सीएफओ ने मौके पर बुलाया। दमकलकर्मियों ने उस पर चढ़कर आग बुझानी शुरू ही की थी कि काले धुएं से उसका नोजल जाम होने से उसमें खराबी आ गई। उसे वापस भेजने के साथ एलएनटी की क्रेन की मदद ली गई।
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पानी के लिए दौड़ती रहीं गाड़ियां

सीएफओ अभय भान पांडेय ने बताया कि भीषण आग बुझाने में हजारों लीटर पानी की जरूरत आलमबाग जलसंस्थान, पिकेडली होटल व फीनिक्स मॉल से पूरी हुई। आलमबाग की तरफ से आ रही गाड़ियां जलसंस्थान से पानी लेती रही, जबकि बाराबिरवां चौराहा की तरफ से आई गाड़ियों ने फीनिक्स मॉल व पिकेडली होटल से पानी लिया।

घने बाजार में नहीं था आग बुझाने भर का पानी
आग बुझाने में जुटे दमकल दस्ते के मुताबिक, चार मंजिला वस्त्रालय में दस हजार लीटर पानी का ओवरहेड और 25 हजार लीटर का अंडरग्राउंड टैंक होना चाहिए था। शोरूम में सिर्फ आग बुझाने वाले सिलेंडर ही थे जिससे मामूली आग पर ही काबू पाया जा सकता है। घने बाजार में कई ऊंची इमारतें व शोरूम हैं लेकिन कहीं भी आग बुझाने भर का पानी नहीं मिला।

दस घंटे बाधित रहा यातायात
वस्त्रालय में भीषण आग की सूचना पर मानकनगर, आलमबाग व कृष्णानगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। दमकल की गाड़ियों को मौके पर पहूंचने में कोई रुकावट न आए इसलिए आवागमन के लिए ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया।

कानपुर की तरफ से आने वाले भारी वाहन को बाराबिरवां चौराहा से वीआईपी रोड व रिंग रोड पर रवाना किया गया। सड़क की दूसरी पटरी से छोटे वाहनों की आवाजाही जारी रही। शुक्रवार दोपहर आग पूरी तरह बुझने के बाद गीता वस्त्रालय के सामने की सड़क पर यातायात शुरू कराया गया।
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