राजधानी लखनऊ में शुक्रवार की शाम अयोध्या रोड शक्तिनगर दल पर सोफा-गद्दा बनाने की फैक्टरी में आग लग गई। आग की लपटें देख आसपास दहशत फैल गई। लोग घरों से बाहर निकल आए। सूचना पर पहुंचे दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं।
आग से फंसने लोग मदद के लिए शोर मचाने लगे। जान बचाने के लिए वह बिल्डिंग के गेट से लगे जीने पर चढ़कर 10 फीट ऊंची बाउंड्री में बने गड्ढों के सहारे उतर कर अपनी जान बचाई। इस बीच आग ने रशीद और रफीउल्लाह के गोदाम को भी अपनी चपेट में ले लिया।
आग की खबर पाकर सीएफओ मंगेश कुमार, एफएसओ इंदिरानगर शत्रुघन, एफएसओ हजरतगंज रामकुमार रावत टीम के साथ पहुंच गए। नौ गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाना का काम शुरू किया गया। कारखानों में फोम व लड़की होने के कारण आग विकराल होती चली गईं। इस पर सीएफओ को दो और गाड़ियां बुलानी पड़ी। दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटी रहे। आग की विकटता का अंदाजा करीब एक किलोमीटर दूर से ही उठ रहे धुएं को देख सहज ही लगाया जा सकता था।
कारखानों से निकल रहे धुएं के कारण दमकल व अन्य लोगों को सांस लेना दूभर हो गया था। आग पर थोड़ा काबू पाने के बाद दमकल कर्मियों ने थोड़ी राहत की सांस ली। वहीं दमकल कर्मी को बीआर सेट पहना कर बिल्डिंग में दाखिल किया गया। मगर आग एक बार फिर आग तेज हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद पांच घंटे में गाड़ियों से दमकल कर्मियों ने आग पूरी तरह से बुझा ली।
इमारत के ठीक पीछे रहने वाले अधिवक्ता राहुल सिंह के मुताबिक कारखानों में पहले भी छोटी-मोटी आग लग चुकी है। मगर तब लोगों ने समय रहते ही उस पर काबू पा लिया था। तीनों कारखाने करीब चार साल से रिहायशी इलाके बीच चल रहे हैं। राहुल ने और अन्य लोगों ने कई बार मालिकों से कारखानों को बंद की बात कही गई, मगर कुछ नहीं हुआ। अगर अब भी कुछ नहीं हुआ तो भविष्य में और भी बढ़ी घटना हो सकती है।