लखनऊ। पारा के देवपुर में रहने वाले प्रकाश सोनी के दो मंजिला मकान में लगी आग के बाद लाइट का कटना परिवार के लिए सबसे घातक रहा। अंधेरे और धुएं के चलते पूरा परिवार फंस गया। कुछ लोगों ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और मदद के लिए शोर मचाना शुरु कर दिया, पर अंदर जाने की हिम्मत कोई नहीं जुटा सका।
प्रकाश के मकान में जिस वक्त आग लगी थी, परिवारीजन अपने-अपने कमरे में थे। आग लगते ही लाइट कट गई और चारों तरफ अंधेरा फैला गया। कुछ ही क्षणों में धुआं भी भरा गया। पहली मंजिल पर मौजूद लोग कुछ समझ नहीं सके। न तो किसी को सीढ़ी दिखी और न ही भागने का कोई रास्ता मिला। जो जहां था वहीं फंस गया। कमरे में मौजूद लोगों ने दरवाजा बंदकर चीखना शुरु कर दिया।
आग देख पूरी गली में चीख-पुकार मच गई। लोग घरों से बाहर निकल आए, पर आग का भयानक रूप देखकर बेबस हो गए। कुछ देर के बाद जब दमकल की गाड़ी पहुंची तो पड़ोसी अर्जुन भारतीय मदद के लिए दौड़ा। बाल्टी से पानी फेंकते हुए अर्जुन ने पहली मंजिल पर फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया, जिसमें वह भी झुलस गया।
बेटी जय परिवार संग आई थी मायके
प्रकाश सोनी की एक बेटी जया वर्मा कुछ दिन पहले ही गर्मियों की छुट्टी पर पति शुभम वर्मा, बेटी आध्या और अक्षत के साथ मायके आई हुई थीं। हादसे में उनकी बेटी आध्या गंभीर रूप से झुलस गई।
हादसे के वक्त घर के बाहर था बेटा
कारोबारी प्रकाश सोनी का बेटा आयुष हादसे से कुछ ही देर पहले घर से बाहर निकला था। लोगों ने बताया कि आग का पता चला तो आयुष दौड़ते हुए पहुंच गया। परिवार को फंसा देख उसने अंदर जाने का प्रयास किया, पर लोगों ने उसको रोक लिया।
अस्थमा के मरीज प्रकाश की बिगड़ी तबीयत
आग से झुलसे प्रकाश सोनी अस्थमा के मरीज हैं। धुएं के चलते उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल में इलाज के बाद प्रकाश की हालत सुधरी।