आयोग ने गांवों एवं मजरों तथा शहरी क्षेत्रों में कमजोर वर्ग बहुल क्षेत्रों में मतदाताओं को डराने-धमकाने वालों को चिह्नित करके उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की रणनीति बनाई है। शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए ऐसे क्षेत्रों को पहले से चिह्नित किया जाएगा। चुनाव में धनबल व बाहुबल रोकने पर खास जोर है। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिलाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक व्यय और आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित मामलों की पहचान के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग देखकर लेखा टीम व सहायक व्यय प्रेक्षक को रिपोर्ट भेजी जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में उड़न दस्तों के अलावा स्थानीय मशीनरी को राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों व उनके समर्थकों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।