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राम-रहीम के आश्रम से 12 शव मंगाने वाले मेडिकल कॉलेज की बढ़ी मुश्किलें, रिपोर्ट दर्ज

Mon, 05 Mar 2018 11:22 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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जीसीआरजी मेडिकल कॉलेज
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हरियाणा के राम-रहीम डेरा सच्चा सौदा से 12 शवों को मांगने के मामले को लेकर चर्चा में आए बीकेटी स्थित जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।

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कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर ने शनिवार रात कॉलेज के अभिषेक यादव व मैनेजिंग डायरेक्टर ओमकार यादव के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

प्रभारी निरीक्षक तेज प्रकाश सिंह ने बताया कि अलीगंज सेक्टर-जे निवासी डॉ. शिवनाथ सिंह विभिन्न सरकारी अस्पतालों में सरकारी डॉक्टर के पद पर कार्य कर चुका है। 2009 में वह सिविल अस्पताल में चीफ कंसलटेंट के पद से सेवानिवृत्त हुआ था और वर्तमान में प्रसाद मेडिकल कॉलेज, कानपुर रोड में प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष मेडिसिन पद पर कार्यरत है।

डॉ. शिवनाथ सिंह ने तहरीर में बताया है कि वह बीकेटी के पर्वतपुर चौराहे के पास स्थित जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज में तीन अक्तूबर 2016 से 25 अगस्त 2017 तक एसोसिएट प्रोफेसर मेडिसिन डिपार्टमेंट पद पर कार्यरत रहा।
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कॉलेज के चेयरमैन ने तीन अक्तूबर 2016 को नियुक्ति पत्र भी जारी किया था। इस पद के लिए उसका प्रति माह वेतन 1:60 लाख रुपये था। लेकिन अप्रैल 2016 से 25 अगस्त 2017 तक का कुल आठ लाख रुपये वेतन का भुगतान कॉलेज प्रशासन द्वारा अभी तक नहीं किया गया है।

कई बार अनुरोध करने पर कॉलेज संचालकों ने सिर्फ आश्वासन देकर लौटा दिया। बीते वर्ष आठ व 12 अक्तूबर को ई-मेल से भेजे गए अनुरोध पत्र पर भी कॉलेज प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की।

डॉ. शिवनाथ सिंह ने बताया है कि बकाया वेतन का भुगतान न होने पर परेशान होकर उन्होंने आठ अक्तूबर 2017 को कॉलेज से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कॉलेज प्रशासन द्वारा एक पत्र जारी कर नौ अक्तूबर को उसका निष्कासन कर दिया गया।

बीकेटी के इंस्पेक्टर तेज प्रकाश सिंह ने बताया कि शिवनाथ सिंह की तहरीर पर दर्ज रिपोर्ट में जीसीआरजी कॉलेज के चेयरमैन अभिषेक यादव व मैनेजिंग डायरेक्टर ओमकार यादव को नामजद किया गया है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं, जब इस मामले में उनका पक्ष जानने को लेकर कॉलेज के चेयरमैन को कॉल की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। 

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