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रीयल एस्टेट कारोबारी का अपहरण कर 50 लाख रुपये फिरौती मांगने के आरोप में केस

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रीयल एस्टेट कारोबारी का अपहरण कर 50 लाख फिरौती मांगने के आरोप में केस
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विभूतिखंड थाने में रीयल एस्टेट कंपनी प्रोपेलेरिटी ग्रुप के एमडी सौरभ कुमार पांडेय का अपहरण कर 50 लाख रुपये फिरौती मांगने का आरोप लगाते हुए वाराणसी के रीयल एस्टेट कारोबारी राम गोपाल सिंह व उनके साथियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
हालांकि, इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी का कहना है कि सौरभ का आरोपियों से लेन-देन का विवाद है। सौरभ की पत्नी ममता पांडेय की तरफ से दर्ज मामले में कहा गया है कि वाराणसी के चौलापुर घरसड़ा निवासी व एसएसबी रीयल एस्टेट कंपनी के एमडी राम गोपाल सिंह और उनके साथी पति का अपहरण कर उन्हें वाराणसी ले गए और एक होटल में बंधक बनाकर मारपीट की।
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उन्होंने अपहरणकर्ताओं में दो पुलिसकर्मियों के शामिल होने की बात भी कही है। ममता शिकायत लेकर थाने गई, जहां पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
एसएसपी कलानिधि नैथानी को भी प्रार्थनापत्र दिया, पर सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली।
विभूतिखंड के रोहतास प्रेसीडेंशियल टॉवर में रह रहीं ममता पांडेय के मुताबिक, सौरभ का ऑफिस अयोध्या रोड स्थित आनंद कोरोनेशन टॉवर में है।
बीती सात जून की सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे पति के ऑफिस में सात-आठ लोग घुस आए। इसमें से दो व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी बता रहे थे जबकि अन्य लोगों में राम गोपाल सिंह, उनका साथी रमरेपुर पहाड़िया का पंकज चौबे, प्रवीण श्रीवास्तव, बलवंत सिंह शामिल थे।
केबिन में रखे पांच लाख रुपये लूट लिए। सौरभ का मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। इसके बाद निजी वाहन से सौरभ और ऑफिस के मैनेजर मयंक शुक्ला को उठा ले गए।
जानमाल की धमकी देते हुए 50 लाख रुपये मांगे। ममता का कहना है कि उन्होंने राम गोपाल सिंह से बात करने की कोशिश की तो भाई आशीष उपाध्याय को रुपया व बैंक की चेकबुक लेकर वाराणसी आने को कहा।
उसी दिन रात करीब दस बजे ममता अपने रिश्तेदार मनोज पांडेय के साथ वाराणसी के होटल इंडिया बनारस पहुंची, जहां एक कमरे में सौरभ व मयंक को बंधक बनाकर रखा गया था।
ममता का कहना है कि सौरभ और मयंक को कई लोगों ने घेर रखा था व गाली-गलौज और मारपीट की जा रही थी। आरोपियों ने ममता का मोबाइल फोन छीनकर उसके भाई आशीष उपाध्याय को फोन कर धमकाया।
आशीष से कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा ईमेल पर भेजने का दबाव बनाया गया। आशीष ने ईमेल से इस्तीफा भेज दिया। ममता के मुताबिक, उसी दिन रात को सौरभ से कुछ सादे कागज, स्टांप पेपर और चेक पर हस्ताक्षर कराकर उन्हें छोड़ दिया गया।
ममता ने पति व बच्चों पर राम गोपाल सिंह, पंकज चौबे, बलवंत सिंह से जान का खतरा बताते हुए आठ जून को विभूतिखंड थाने जाकर प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
11 जून को उन्होंने एसएसपी कलानिधि नैथानी से मिलकर पूरा मामला बताया और प्रार्थनापत्र भी दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में शिकायत की। उन्होंने पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपी है।
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पेशबंदी में कराई एफआईआर
राम गोपाल सिंह का कहना है कि सौरभ पांडेय के साथ उन्होंने लखनऊ में एक टाउनशिप प्लान की थी, लेकिन उसने धोखा देकर एसएसबी कंपनी को करीब चार करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। उन्होंने सौरभ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसकी पेशबंदी में उसने यह केस किया है। पुलिस की जांच में सारी साजिश सामने आ जाएगी।
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