फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow: नगर निगम में नौकरी के नाम पर फिर हुई ठगी, बस्ती में पांच पर नामजद केस, इनमें दो लखनऊ के

Tue, 24 Jan 2023 06:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

नगर निगम के नौकरी दिलाने के मामले में पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसमें से दो आरोपी लखनऊ के हैं।
विज्ञापन
- फोटो : Istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नगर निगम में नौकरी के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। इसमें बस्ती के वाल्टरगंज थाना में चंद्रभान नामक व्यक्ति ने पांच लोगों पर नामजद केस दर्ज कराया है। इसमें दो आरोपी लखनऊ के हैं। पांच लाख की ठगी के मामले में वहां की पुलिस ने जांच शुरू की है और नगर निगम से जानकारी मांगी है। पुलिस ने वह पहचान पत्र भी भेजा है, जिसको नगर निगम लखनऊ में वार्ड परिक्षेत्र लिपिक पद पर नियुक्त होने का जारी किया गया है।

विज्ञापन


मालूम हो कि इससे पहले नगर निगम में पिछले महीने नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया था। इसमें गृहकर जीआईएस सर्वे करने वाली कंपनी के तीन कर्मचारियों पर आरोप लगा था। लेकिन मामले को दबा दिया गया था। बस्ती निवासी चंद्रभान ने एफआईआर में बताया है कि बेटा विकास बेरोजगार है। 21 नवंबर को बस्ती के विजय कुमार और मनोज कुमार से मुलाकात हुई।

दोनों ने शासन में अच्छी जान-पहचान का झांसा दिया और नगर निगम लखनऊ में नौकरी दिलवाने के नाम पर पांच लाख रुपये ऐंठ लिए। काफी समय बाद भी नौकरी नहीं लगी तो उन्होंने छानबीन की। इसमें पता चला कि दोनों ने झांसा देकर कई और लोगों को भी ठगा है।
विज्ञापन


45 दिन की ट्रेनिंग करा दिया पहचान पत्र
वाल्टरगंज थाने से निगम को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि वाल्टरगंज निवासी विजय कुमार, औसापुर निवासी मनोज कुमार, देवरिया के थानाक्षेत्र रामपुर करखाना स्थित बरपार के गौरव मणि त्रिपाठी, इंदिरानगर थानाक्षेत्र की श्याम विहार कॉलोनी के शशांक श्रीवास्तव, चिल्लावां के फर्रुखाबाद निवासी अमित के बारे जानकारी मांगी गई है। इन पर आरोप है कि नगर निगम में वार्ड परिक्षेत्र लिपिक सहायक पर फर्जी नियुक्ति कराके जाली पहचान पत्र दिया था। साथ ही 45 दिन की फर्जी ट्रेनिंग कराकर पैसा ले लिया था। आरोप है कि ये शातिर गिरोह बनाकर बेरोजगारों को ठग रहे हैं। कई पीड़ितों की शिकायतें आई हैं। किसी से छह तो किसी से आठ लाख रुपये तक ठगे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें