अब हेलो राइड कंपनी के चेयरमैन व निदेशकों पर तीन करोड़ रुपये की ठगी का केस
किराये पर बाइक चलवाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगने के आरोपी हेलो राइड कंपनी के चेयरमैन अभय कुमार कुशवाहा व निदेशकों के खिलाफ 20 लोगों ने तीन करोड़ रुपये से अधिक रकम हड़पने का केस विभूतिखंड थाने में दर्ज कराया है।
इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी ने बताया कि 18 पीड़ितों से अभय ने 471 बाइक के नाम पर पौने तीन करोड़ रुपये वसूले जबकि दो पीड़ित ऐसे हैं जिन्होंने बाइक के साथ ही उसकी निवेश योजना में 20 लाख रुपये लगाए थे।
इंस्पेक्टर ने बताया कि तेलीबाग के शारदानगर निवासी सर्लेश सिंह की तरफ से एक संयुक्त तहरीर दी गई थी।
जिसमें हेलो राइड की मदर कंपनी इनफिनिटी वर्ल्ड ग्रुप के चेयरमैन अभय कुमार कुशवाहा, डायरेक्टर नीलम वर्मा और राजेश पांडेय समेत अन्य अज्ञात अधिकारियों व कर्मचारियों पर ठगी का आरोप लगाया गया है।
पीड़ितों का कहना है कि कंपनी बाइक खरीदने के नाम पर प्रत्येक व्यक्ति से 61 हजार रुपया लेती थी। हर महीने कुल 9585 रुपये देने का ऑफर दिया था।
दूसरी योजना 18 महीने की थी जिसमें कंपनी बाइक की किस्तों के रूप में प्रति महीने 3389 रुपये व किराये के रूप में 3000 रुपये देने की बात कहती थी।
दो-तीन महीने तक उसने किस्त और लाभांश की रकम लोगों के खातों में भेजी, इसके बाद रुपया मिलना बंद हो गया। ऑफिस जाने पर मुलाकात नहीं होती और कॉल्स वह रिसीव नहीं करता था।
कुछ निवेशकों ने किसी तरह अभय से संपर्क किया तो उसने रुपया देने से इन्कार कर दिया। अभय व उसके साथियों के खिलाफ विभूतिखंड थाने के अलावा कानपुर और प्रदेश के अन्य जनपदों में ठगी के कई मामले दर्ज हैं।
नौ महीने में करोड़ों रुपये हड़पे, जेल भी गया, फिलहाल जमानत पर
मास्टरमाइंड अभय कुमार कुशवाहा ने हेलो राइड कंपनी बनाकर मात्र नौ महीने में उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के लोगों से कई सौ करोड़ रुपये ठगे। इस दौरान उसे गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया। कुछ दिन बाद जमानत पर छूटकर वह फिर से ठगी कर रहा है। इंस्पेक्टर विभूतिखंड ने बताया कि अभय ने नौ जुलाई 2018 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हेलो राइड कंपनी की धूमधाम से लॉन्चिंग की। कंपनी ने विभूतिखंड के साइबर हाइट्स टॉवर में ऑफिस शुरू किया। नोएडा में कॉरपोरेट ऑफिस खोलकर बाइक किराये पर चलवाने के नाम पर लोगों से रुपया जमा कराया। दो-तीन महीने बाद ही शातिर अभय का फर्जीवाड़ा खुल गया। लोगों ने उसके खिलाफ केस दायर करने शुरू किए, जिस पर विभूतिखंड पुलिस ने उसे 12 मार्च 2019 की शाम गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल वह जमानत पर बाहर है।
इनसे की ठगी
महेंद्र कुमार पांडेय (ग्रुप इनवेस्ट 300 बाइक), शाहिना बानो (46 बाइक), सर्लेश सिंह (42 बाइक), अरविंद कुमार (11 बाइक व 10 लाख रुपये का एसएलपी प्लान), मनीष शुक्ला (10 लाख रुपये का एसएलपी प्लान), संतोष राजपाल (11 बाइक), सर्वेश यादव (10 बाइक), अनवारुन नबी खान (6 बाइक), मुकेश राय (6 बाइक), प्रदीप साहा (5 बाइक), संदीप वर्मा (5 बाइक), रंजीत कुमार मौर्या (4 बाइक), एसबी शुक्ला (3 बाइक), प्रदीप कुमार (3 बाइक), करीम अहमद (3 बाइक), दिशांत शर्मा (2 बाइक), प्रीती साहा (1 बाइक), चरनप्रीत कौर (1 बाइक), देवेंद्र कुमार (1 बाइक), निर्मला कुमारी (1 बाइक)।