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हेलो राइड कंपनी पर लाखों रुपये की ठगी का केस, ठगने वाले का सुराग नहीं लगा पा रही हाईटेक पुलिस

Tue, 01 Oct 2019 03:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अभय कुशवाहा - फोटो : अमर उजाला
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बाइक किराए पर चलवाने का झांसा देकर करीब 500 करोड़ रुपये ठगकर भागी हेलो राइड कंपनी के चेयरमैन अभय कुमार कुशवाहा समेत पांच लोगों के खिलाफ लखनऊ के  विभूतिखंड थाने में एक और मामला दर्ज कराया गया है। इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी ने बताया कि वाराणसी के आयर निवासी स्वर्णदीप मिश्र व उसके पांच परिचितों ने हेलो राइड कंपनी को 43 बाइक के नाम पर 31.17 लाख रुपये दिए थे।

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हालांकि, बाइक चलवाने के बजाए कंपनी संचालक उनके रुपये लेकर भाग गए। स्वर्णदीप ने बताया कि वर्ष 2018 में वह वाराणसी में निखिल कुशवाहा नाम के ठग से मिला था। निखिल ने खुद को बाइक किराये पर चलाने वाली हेलो राइड कंपनी का निदेशक व शेयर होल्डर बताया था।

उसने बिजनेस में रुपया निवेश करके मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर लखनऊ बुलाया। मई 2018 में स्वर्णदीप विभूतिखंड के साइबर हाइट्स टॉवर स्थित कंपनी के ऑफिस पहुंचे। जहां निखिल ने चेयरमैन अभय कुमार कुशवाहा, नीलम वर्मा, मो. आजम बली व रागिनी गुप्ता से मिलवाया। प्रति बाइक 61 हजार रुपये लगाने पर 12 महीने तक हर महीने 9585 रुपये कमाने का लालच दिया।

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कई जनपदों में ठगी शिकार लोगों ने दर्ज कराई रिपोर्ट

प्रतीकात्मक तस्वीर
स्वर्णदीप ने बताया कि उसने खुद 17 बाइक के लिए कंपनी को 10.37 लाख रुपये देकर अनुबंध किया। अनुबंध के तहत उसे 19 लाख से ज्यादा रुपये मिलने थे। लेकिन कंपनी ने महज पौने नौ लाख रुपये ही दिए। शेष करीब 10 लाख रुपये बकाया हैं। इसी तरह स्वर्णदीप के मित्र वाराणसी की गौतम विहार कॉलोनी मीरापुर बसही निवासी रविंद्र प्रताप सिंह ने एक बाइक के लिए 61 हजार रुपये कंपनी को दिए।

वाराणसी के काजीपुरा खुर्द सोनिया निवासी ज्योति चौरसिया और महमूरगंज के वीरदोपुर निवासी प्रमोद पांडेय ने 10-10 बाइक के लिए 12.20 लाख रुपये कंपनी को दिए। सारनाथ के आशापुर में रहने वाले आशीष पांडेय व उनकी पत्नी सरोज ने तीन बाइक के लिए 1.83 लाख रुपये दिए तो विनायका कमच्क्षा निवासी ओम प्रकाश पांडेय ने दो बाइक के लिए 1.22 लाख रुपये जमा किए।

कंपनी संचालकों ने कुछ महीने उपरोक्त लोगों के खातों में रुपया भेजा। बाद में रुपये मिलने बंद हो गए। पीड़ित लखनऊ स्थित ऑफिस पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। पूछताछ में पता चला कि जालसाजों पर प्रदेश के कई जनपदों में ठगी के शिकार हजारों लोगों ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने अभय को गिरफ्तार करके जेल भेजा था, लेकिन वह जमानत पर छूटने के बाद से लापता है। ठगी के अन्य आरोपी भी फरार हैं। पीड़ितों ने पुलिस से ठगों को गिरफ्तार करके जेल भेजने की मांग की है।

दूसरे शहरों में नाम बदलकर खोली कंपनी

प्रतीकात्मक तस्वीर
हेलो राइड के खिलाफ सिर्फ विभूतिखंड थाना में 23 मुकदमे
हेलो राइड कंपनी के खिलाफ सिर्फ विभूतिखंड थाना में ही 23 मुकदमे दर्ज हैं। इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी ने बताया कि 23 मुकदमों में पीड़ितों की संख्या 100 से भी ऊपर है। इसके अलावा अन्य थानों में भी कई मामले दर्ज हैं। कानपुर, इलाहाबाद और वाराणसी में भी कई एफआईआर हैं।

स्वर्णदीप का आरोप है कि ठग दूसरे शहरों में अलग नाम से कंपनी खोलकर फिर से ठगी का धंधा कर रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि अभय कुमार कुशवाहा मूलरूप से कौशांबी का रहने वाला है और यहां जानकीपुरम विस्तार में सेक्टर सात में रह रहा था। उसकी इनफिनिटी वर्ल्ड नाम से रीयल एस्टेट कंपनी है।

ठगी के रुपयों से उसने लखनऊ के अलावा कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में करोड़ों रुपये की जमीनें खरीद ली थीं। अब वह इन्हीं जमीनों की खरीद-फरोख्त में लगा है। निखिल कुशवाहा उसका रिश्ते का भाई है जो साठ फीटा रोड स्थित जानकीविहार कॉलोनी का रहने वाला है।

कंपनी की निदेशक नीलम वर्मा आलमबाग के सिंगारनगर बहादुरखेड़ा दुर्गा मंदिर के पास रहती है। रागिनी गुप्ता उसकी सगी बहन है जिसकी शादी धीरेंद्र गुप्ता से हुई है। वह आलमबाग में ही बदरीनारायण वोकेशनल इंटर कॉलेज के पास श्रीनगर में रहती है। मोहम्मद आजम अली बलरामपुर के उतरौला स्थित पेहर बाजार का रहने वाला है।
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गरीबों-मजदूरों को ठगने वाले का सुराग नहीं लगा पा रही हाईटेक पुलिस

प्रतीकात्मक तस्वीर
हेलो राइड कंपनी के चेयरमैन अभय कुमार कुशवाहा की ठगी के शिकार लोगों में सबसे ज्यादा दो वक्त की रोटी कमाने वाले लोग हैं। कोई ऑटो चलाता है तो कोई स्कूल वैन। किसी की पान की गुमटी है तो कोई छोटी-मोटी नौकरी करता है। लालच में अकार लोगों ने उधार लेकर या बचत का पूरा रुपया कंपनी में लगा दिया।

पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा, लेकिन तीन महीने बाद ही वह जमानत पर छूट गया। अब अभय पुलिस के हाथ से कोसों दूर निकल चुका है। पीड़ितों का यह भी कहना है कि अभय करोड़ों रुपये लेकर नेपाल अथवा किसी अन्य देश भागने की तैयारी कर रहा था। फिलवक्त वह कहां है? राजधानी की हाईटेक पुलिस यह सुराग नहीं लगा पा रही है।

चेयरमैन को गिरफ्तार कर बाकी आरोपियों को भूल गई पुलिस
विभूतिखंड पुलिस ने हेलो राइड कंपनी के चेयरमैन अभय कुमार कुशवाहा को गिरफ्तार करके खानापूरी कर ली। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कोई प्रयास नहीं किया। ठगी के शिकार लोगों ने अभय और उसके भाई निखिल समेत निदेशक नीलम वर्मा, राजेश पांडेय, शकील अहमद, राम जनम मौर्या, मोनिका, देवेश, गौरव वर्मा, नावेद, राहुल द्विवेदी, आयुष तिवारी और कंपनी के कैश का कामकाज संभालने वाले कानपुर के हितेश बाजपेयी समेत कई लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर कराई हैं। पुलिस उपरोक्त में से एक का भी सुराग नहीं लगा सकी है।
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