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अवधपाल पर बैक टू बैक दर्ज हुए केस

Fri, 19 Jul 2013 03:19 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
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बसपा सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री रहे अवधपाल सिंह पर विजिलेंस ने शिकंजा कस दिया है।
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उनके कार्यकाल में हुए कार्यों की जांच में घपले की पुष्टि होने के बाद अवधपाल, उनके करीबियों, कई इंजीनियर और पशु चिकित्सा अधिकारियों के खिलाफ फीरोजाबाद, मैनपुरी, एटा और फर्रुखाबाद में विजिलेंस ने अलग-अलग नौ मुकदमे दर्ज कराए हैं।

अवधपाल संग बेटा भी नामजद
दो मुकदमों में अवधपाल और उनके बेटे को नामजद किया गया है। फर्रुखाबाद के कंपिल में पशु चिकित्सालय के निर्माण में घोटाले के संबंध में थाना कंपिल में दर्ज कराई रिपोर्ट में सहायक परियोजना प्रबंधक आरके पाल, जेई यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड रामअवध सिंह, सहित कुछ और लोग भी नामजद किए गए हैं।
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दूसरा मुकदमा सिरसागंज थाने में दर्ज कराया गया है। इसमें प्रतिवादी हैं सहायक परियोजना प्रबंधक सजीवन लाल, यूपीपीसीएल के जेई मैनेजर प्रसाद, तत्कालीन पशु चिकित्साधिकारी, करहरा, फीरोजाबाद।

तीसरा मुकदमा एटा के कोतवाली देहात में दर्ज कराया गया है। इसमें सहायक परियोजना प्रबंधक आरके पाल, जेई ओमकार सिंह, जेई रामअवध, मैसर्स अमर एंड संस के ठेकेदार कृष्णवीर सिंह और तत्कालीन पशु चिकित्साधिकारी हरसिंहपुर, एटा के नाम शामिल हैं।

चौथा मुकदमा एटा के रिजोर थाने में परियोजना प्रबंधक आरके पाल, जेई रामअवध, तत्कालीन पशु चिकित्साधिकारी रजकोट, एटा और ठेकेदार मैसर्स उमेशचंद्र के खिलाफ दर्ज कराया गया है।

फंसे कई रिश्तेदार भी
फर्रुखाबाद के शमसाबाद थाने में आरके पाल, रामअवध, तत्कालीन पशु चिकित्साधिकारी उलियापुर, ठेकेदार देवेंद्र सिंह जसमई रोड, फर्रुखाबाद के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।

एटा के जैंथरा थाने में तत्कालीन पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री अवधपाल सिंह, सहायक परियोजना प्रबंधक आरके पाल, जेई ओमकार सिंह, पशु चिकित्साधिकारी और मंत्री पुत्र ठेकेदार रणजीत सिंह को नामजद किया गया है।
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जैंथरा थाने में ही अंगरया पशु चिकित्सालय के घपले में पूर्व मंत्री अवधपाल, सहायक परियोजना प्रबंधक आरके पाल, जेई ओमकार सिंह, तत्कालीन पशु चिकित्साधिकारी अंगरइया, एटा, और आठवां मुकदमा मैनपुरी के कुरावली थाने में परियोजना प्रबंधक सजीवन लाल, जेई मैनेजर प्रसाद, तत्कालीन पशु चिकित्साधिकारी पथरउआ, मैनपुरी और ठेकेदार रामप्रकाश शाक्य के खिलाफ दर्ज हुआ है।

नौवां मुकदमा सजीवन लाल, मैनेजर प्रसाद, तत्कालीन पशु चिकित्साधिकारी खेरिया, मैनपुरी और ठेकेदार सुरेंद्र सिंह के खिलाफ दर्ज कराया गया है।

सभी मुकदमे विजिलेंस के इंस्पेक्टर अभय सिंह ने धारा 409, 420, 120 बी, 13 (1) डी, 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत दर्ज कराए हैं।
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