पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के मामले में प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, सदर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी श्रीप्रकाश राय सहित छह लोगों के खिलाफ हत्या, साजिश रचने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
जगेंद्र एक जून को अपने आवास विकास स्थित घर में पुलिस दबिश के दौरान जल गए थे। पुलिस जगेंद्र को अपहरण और हत्या के प्रयास की कोशिश के मामले में गिरफ्तार करने गई थी।
पुलिस का कहना था कि जगेंद्र ने दबिश के दौरान दरवाजा नहीं खोला और बंद मकान में खुद को आग लगाई थी जबकि जगेंद्र ने पुलिस पर जिंदा जलाने का आरोप लगाया था।
मूलरूप से खुटार के रहने वाले पत्रकार जगेंद्र सिंह शाहजहांपुर शहर में पुरानी आवास विकास कॉलोनी स्थित मकान में रहते थे। एक जून को वह अपने मकान में गंभीर रूप से जल गए थे। जगेंद्र सिंह ने शाहजहांपुर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी सहित कई लोगों पर पेट्रोल डालकर जला देने का आरोप लगाया था।
जबकि कोतवाल का कहना था कि जगेंद्र सिंह के खिलाफ 12 मई को अमित भदौरिया की ओर से दर्ज कराए गए जानलेवा हमला और अपहरण की कोशिश के मामले में वह उन्हें गिरफ्तार करने गए थे तो जगेंद्र ने खुद अपने आग लगा ली।
क्या था मामला
जगेंद्र का आरोप था कि राज्यमंत्री के खिलाफ एक और आपराधिक मामले में कार्रवाई करने के बजाए पुलिस अमित भदौरिया द्वारा लिखवाए गए झूठे मुकदमे में उन्हें गिरफ्तार कर रही थी। यह राज्यमंत्री के इशारे पर किया गया। जगेंद्र सिंह ने मजिस्ट्रेट के समक्ष ये बयान दर्ज कराया था।
गंभीर रूप से झुलसे जगेंद्र को बाद में बेहतर इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया था, जहां आठ जून को दोपहर में उनका निधन हो गया। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार देर रात उनका शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया।
बवाल की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पीएसी के साथ ही कई थानों की फोर्स खुटार में तैनात कर दी थी। सीओ और एसडीएम भी रात में कई बार जगेंद्र के घर गए और परिवार के लोगों से बात की।
मंगलवार को परिवारवालों ने मंत्री सहित अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग करते हुए तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस पर आक्रोशित परिवार के लोगों ने शव को चिता पर रखने के बाद अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया।
लगभग चार घंटे तक चले हंगामे के बाद जगेंद्र सिंह के बेटे राघवेंद्र सिंह की ओर से पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, शाहजहांपुर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश राय, ब्रह्म कुमार दीक्षित, अमित प्रताप सिंह भदौरिया, गुफरान, आकाश गुप्ता के खिलाफ खुटार थाने में धारा 302, 504, 506, 120 बी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।