अयोध्या के बीकापुर कोतवाली में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अयोध्या के आदेश पर तैनात उपनिरीक्षक अजेंद्र प्रताप सिंह के विरुद्ध प्रभारी निरीक्षक ने पुलिस अधिनियम 29 के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। उपनिरीक्षक पर न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने और अपने कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक आरोप है कि बलवा, मारपीट सहित अन्य धाराओं में दर्ज किए गए मुकदमा रामशंकर बनाम राज्य के मामले में विवेचक अजेंद्र प्रताप सिंह द्वारा सुनवाई के लिए नियत तिथि सात नवंबर को संपूर्ण केस डायरी प्रस्तुत नहीं की गई। जिसके लिए न्यायालय द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
उसके बाद नियत तिथि 13 सितंबर 19 को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर विवेचक अजेंद्र प्रताप सिंह ने केस डायरी और अपना स्पष्टीकरण दिया। केस डायरी में उपलब्ध साक्ष्य से पता चला कि जिन लोगों को चोट लगी उनका मेडिकल परीक्षण तो हुआ लेकिन मेडिकल परीक्षण नहीं लिया और उसका कोई कारण भी नहीं दर्शाया।
लेकिन विवेचक द्वारा मेडिकल परीक्षण कलेक्ट नहीं किया गया है। विवेचक को इस मामले में लापरवाही करने का दोषी पाया गया। न्यायालय द्वारा रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश कोतवाली पुलिस को दिया गया। प्रभारी निरीक्षक जगदीश उपाध्याय की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।