चिकनकारी का प्रशिक्षण लेते अभ्यर्थी।
लखनऊ। कलम पकड़ने वाली उंगलियों ने सफेद कपड़े पर रोजगार की कढ़ाई शुरू की है। राज्य संग्रहालय में मंगलवार से शुरू हुई कार्यशाला में स्नातक के विद्यार्थियों व युवा उद्यमियों ने सुई धागा, कैंची, कटर और फ्रेम के सहारे चिकनकारी की बारीकियां सीखीं।
नौ दिवसीय इस कार्यशाला में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित रानी सिद्दीकी और अर्शी फातिमा पुणे, लखनऊ व कोलकाता के करीब 35 विद्यार्थियों व युवा उद्यमियों को प्रशिक्षण दे रही हैं। रानी सिद्दीकी ने बताया कि चिकनकारी करते समय बारीकियों पर ध्यान देना होता है। यह ऐसी डिजाइन है, जो हाथ से ही की जाती है। प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को बखिया, शैडो, मूर्ति, तितली, बालि, चम्मच सहित 32 से अधिक डिजाइनिंग के बारे में सिखाया जाएगा।
इस दौरान अवध चिकनकारी की निदेशक डॉ. मीना श्रीवास्तव, मुख्य वक्ता डॉ. अनामिका पाठक, संस्थान की निदेशक सृष्टि, सहायक निदेशक मीनाक्षी भी शामिल हुईं।