जानकारों का कहना है कि जिन सात अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं हो सका है, संभव है कि इन अभ्यर्थियों के स्थान पर किसी और ने ऑनलाइन परीक्षा दी हो। तीसरी बार में भी इन अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं होता है, तो इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।
3307 पदों के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया
दरोगा के 3307 पदों के लिए 2016 में भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। जुलाई 2017 में इसके लिए ऑनलाइन परीक्षा कराई गई, लेकिन पेपर लीक होने के कारण परीक्षा स्थगित कर दी गई। 12 से 23 दिसंबर 2017 के बीच दोबारा ऑनलाइन परीक्षा कराई गई। इस परीक्षा के लिए 6.30 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।