लखनऊ। फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत रात को मरीजों के खून का नमूना लेकर जांच कराई जाएगी। अभियान 25 जून से 10 जुलाई तक चलेगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसकी तैयारी की जा रही है।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया प्री-टास, नाइट ब्लड सर्वे (एनबीएस) तकनीक से फाइलेरिया के संक्रमण की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इस सर्वे में 20 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों की रात 10 बजे के बाद रक्त की जांच की जाएगी। माइक्रोफाइलेरिया रात में सक्रिय होते हैं। यदि किसी व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसे 12 दिन तक दवा दी जाएगी, जिसकी निगरानी आशा कार्यकर्ता करेंगी। जिस क्षेत्र में माइक्रोफाइलेरिया दर एक प्रतिशत से अधिक होगी, उस क्षेत्र में सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान चलाया जाएगा।
पिछले साल नवंबर में हुआ था सर्वे, गोसाईंगंज हॉट स्पॉट
मलेरिया विभाग की ओर से पिछले साल नवंबर में नाइट ब्लड सर्वे हुआ था। रात में करीब 13,000 लोगों के खून का नमूना लेकर जांच कराई गई थी। हर सीएचसी से 600 लोगों के नमूने स्वास्थ्य कर्मचारियों, मलेरिया इंस्पेक्टरों जरिये लिए गए थे। इनकी रिपोर्ट आने पर गोसाईंगंज में फाइलेरिया के चार, माल और टूड़ियागंज इलाके में एक-एक मरीज मिला था। गोसाईंगंज में अधिक मरीज मिलने से उस क्षेत्र को हॉट स्पॉट चिह्नित किया गया था। इसके बाद गोसाईंगंज में एमडीए राउंड शुरू कराकर करीब 2.75 लाख लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई गई थी।