लखनऊ। बंथरा इलाके के धावापुर गांव में दो मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार सुबह गांव पहुंची। टीम ने लोगों की जांच कर उन्हें दवा का वितरण किया। टीम ने घरों में कूलर आदि पानी ठहरने वाली जगह की जांच भी की। लोगों को सतर्क किया कि घर के आसपास मच्छर न पनपने दें।
धावापुर में कई दिन से बुखार का प्रकोप है। बड़ी तादाद में मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं। दो महिला मरीजों की मौत के बाद अफसरों की नींद टूटी है। शनिवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. निशांत निर्वाण, जिला मलेरिया अधिकारी रितु, मलेरिया इंस्पेक्टर एके सिंह, सरोजनीनगर सीएचसी के प्रभारी डॉ. चंदन यादव, डॉ. पीयूष अवस्थी, डॉ. रोहित, लैब टेक्नीशियन गणेश और जिला स्वास्थ्य निरीक्षक अशोक गांव पहुंचे। आशा बहू के साथ जांच टीम ने पहले बुखार से जान गंवाने वाली महिला के घर व आसपास जांच की।
टीम ने प्राथमिक विद्यालय धावापुर में शिविर भी लगाया और बुखार से प्रभावित 78 लोगों के खून की जांच की। उन्हें दवा भी वितरित की गई। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि गांव में जांच के दौरान डेंगू-मलेरिया का कोई भी मरीज नहीं मिला है।
बंथरा इलाके में बुखार से अब तक दो की गई जान
लखनऊ। बंथरा में बुखार का प्रकोप करीब एक माह से फैला है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार सोते रहे। गांव में एक माह के दौरान दो मरीजों की बुखार से जान जा चुकी है। दोनों की डेंगू एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
बंथरा के धावापुर गांव के रहने वाले हिमांशु की पत्नी अंजलि (25) को बीते माह 18 सितंबर से तेज बुखार आया था। परिजनों ने पहले नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होता देख कानपुर रोड स्थित एक निजी हॉस्पिटल में 20 सितंबर को भर्ती कराया था। वहां अंजलि को डेंगू की पुष्टि हुई थी। 24 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। वहीं, दूसरी मौत बृहस्पतिवार को गांव निवासी रानी की हुई थी। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है गांव में टीम भेजकर जांच कराई जा रही है।
बुखार से पीड़ित लोग।
बुखार से पीड़ित लोग।
बुखार से पीड़ित लोग।
बुखार से पीड़ित लोग।