लखनऊ। गुडंबा स्थित पुनर्वास एवं नशा मुक्ति केंद्र में युवक की मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है कि केंद्र ने जिस महिला चिकित्सक के माध्यम से इलाज कराने का दावा किया था, उनका अनुबंध पहले ही समाप्त हो चुका था। चिकित्सक ने केंद्र संचालक पर फर्जी हस्ताक्षर कर नवीनीकरण कराने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने सीएमओ को पत्र भेजकर मामले की रिपोर्ट तलब की है।
विवेचक संदीप सिंह के अनुसार, जांच में सामने आया है कि केंद्र के नवीनीकरण के लिए सीएमओ कार्यालय में जो कागजात लगाए गए हैं, उनमें जानकीपुरम निवासी डॉ. श्रुति कीर्ति राय के हस्ताक्षर हैं। डॉ. श्रुति ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि पुनर्वास एवं नशा मुक्ति केंद्र से उनका अनुबंध 30 अप्रैल 2025 को समाप्त हो गया था। उनके अनुसार सीएमओ कार्यालय में लगाए गए प्रपत्रों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। पुलिस ने हस्ताक्षर मिलान के लिए सीएमओ कार्यालय को पत्र लिखकर केंद्र के नवीनीकरण से जुड़े मूल प्रपत्र मांगे हैं, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
यह है मामला
मानकनगर निवासी राजेश लाल के पुत्र विवेक कुमार सिंह (42) को परिजनों ने दिसंबर 2024 में नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। पिता का आरोप है कि दो जून को केंद्र से फोन पर सूचना दी गई कि बेटे की हालत बिगड़ गई है। परिजन जब गुडंबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो वहां विवेक का शव पड़ा मिला। शव पर चोट के निशान थे। परिजनों ने केंद्र के स्टाफ पर पिटाई कर हत्या करने का आरोप लगाया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी शरीर पर चोट के निशान मिलने की पुष्टि हुई। परिजनों ने गुडंबा पुलिस थाने और सीएमओ कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें अब केंद्र के नवीनीकरण और चिकित्सक के फर्जी हस्ताक्षर का मामला भी सामने आया है।