छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना से वंचित अन्य पिछड़ा वर्ग के 6 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को वजीफे के साथ शुल्क भरपाई का हो पाना अब मुश्किल लग रहा है। समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने विधान परिषद में जल्द भुगतान का आश्वासन दिया था। लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के पास इस मद में कोई राशि ही नहीं हैं।
वर्ष 2017-18 में पिछड़े वर्ग के कक्षा-10 से ऊपर के 18.78 लाख छात्रों को 535.37 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई। 12.69 लाख छात्रों को 551.28 करोड़ रुपये शुल्क की भरपाई की गई। बजट के अभाव में 6 लाख से अधिक छात्रों को पात्र होते हुए भी शुल्क की भरपाई नहीं हो सकी।
इनको भुगतान के लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को 800 करोड़ रुपये की जरूरत है। अनुपूरक बजट में शुल्क प्रतिपूर्ति मद में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को 134 करोड़ रुपये मिले जरूर हैं, पर यह राशि चालू वित्त वर्ष की देनदारियों के लिए है। न कि पिछले वित्त वर्ष की देनदारियों के लिए।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में इन छात्रों को राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। विधान परिषद में जब यह मुद्दा उठा तो समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि इन छात्रों को भी जल्द भुगतान करेंगे।
यहां बता दें कि पिछले वर्ष काफी छात्रों के खातों में मानक से कम राशि भेजी गई थी। उसको पूरा करने के लिए विभाग को करीब 84 करोड़ रुपये की जरूरत है। हालांकि, कम राशि पाने वाले छात्रों को भुगतान का आश्वासन सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिया है। इसलिए विभाग इनके लिए बजट एडजस्ट करने की कवायद में जुटा है।