पीजीआई थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह युवती की पांच गोली मारकर हत्या किए जाने के आरोप में उसके पिता और दो भाईयों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीजीआई इलाके में एल्डिको उद्यान-2 की घटना के 24 घंटे बाद युवती की मां ने पति पर हत्या का शक जताते हुए केस दर्ज कराया।
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पुलिस का कहना है कि आरोपी पिता ने कुबूला है कि बेटी अपनी पसंद के लड़के से शादी करना चाहती थी और उनके द्वारा पसंद किए गए रिश्ते को बार-बार ठुकरा देती थी, इसीलिए उन्होंने उसे मार डाला।
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि पीजीआई थाने के अभिषेक उद्यान-2 एल्डिको निवासी मालती देवी गुप्ता ने पति राकेश बाबू गुप्ता पर बेटी की हत्या का शक जताते हुए रविवार सुबह तहरीर दी।
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इसमें कहा गया है कि शनिवार सुबह वह अपने पति व बेटी मार्टिना के साथ घर में मौजूद थीं। बेटे व बहू बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद पार्क में टहल रहे थे। इस बीच मार्टिना के कमरे से गोली चलने की आवाज आई। भारी शरीर होने की वजह से किसी तरह अपने कमरे से निकलीं।
पति को जीने से उतरते देखा और बेटी के कमरे में गईं। वहां मार्टिना खून से लथपथ पड़ी थी। तहरीर में लिखा कि उसे शक है कि बेटी को पति ने गोली मारी होगी। इस पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज करके राकेश बाबू, भाई अजीत गुप्ता, और यश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है।
चार दिन से चल रही थी तनातनी
इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय का कहना है कि गिरफ्तार राकेश ने बताया कि मार्टिना शादी के लिए बार-बार इन्कार कर रही थी, इसे लेकर घर में अक्सर झगड़ा होता था। कई रिश्ते ठुकरा चुकी मार्टिना के लिए कानपुर के एक युवक से शादी की बात चलाई थी। वह मनपसंद लड़के से शादी की जिद पर अड़ी थी और इसे लेकर चार दिन तनातनी चल रही थी। वह शनिवार सुबह लाइसेंसी पिस्टल लेकर मार्टिना के कमरे में गए और फायरिंग कर दी।
एक ही नंबर की गाड़ियों से फर्राटा भरते थे बेटे और पिता
एल्डिको स्थित तीन मंजिला आलीशान मकान में रहने वाले स्वास्थ्य विभाग के रिटायर्ड चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राकेश बाबू गुप्ता व उसके पांच बेटों का इलाके में खासा दबदबा है। एक ही नंबर की लग्जरी गाड़ियों से फर्राटा भरने वाले राकेश व उसके परिवारीजनों की राजनेताओं व अफसरों से करीबी होने के चलते अक्सर उसके घर पर जमावड़ा लगता था।
दबदबे के आगे बेबस दिखी पुलिस
मार्टिना को पांच गोलियों से छलनी करने के बाद मामला रफादफा करने की कोशिश खूब हुई। पुलिस से मामला छिपाए रखा गया। मीडिया को भनक लगी फिर पुलिस को सूचना मिली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बावजूद पुलिस रिपोर्ट की जांच के बाद कार्रवाई की बात कह कर चली गई। इस बीच कानूनी जानकारों से मशविरा करके मालती देवी की तरफ से तहरीर लिखी गई। इसमें मालती ने पति पर सीधे हत्या का आरोप लगाने के बजाय शक जतायाऔर परिवार के अन्य लोगों को वारदात के वक्त घर से बाहर दर्शाते हुए तहरीर दी। इंस्पेक्टर पीजीआई अरुण कुमार राय रविवार दोपहर तक तहरीर मिलने पर कार्रवाई की बात कहते रहे। सूत्रों ने जानकारी दी कि मालती देवी ने खुद थाने जाने के बजाय रसूखदार करीबी लोगों से तहरीर भिजवाई। उन्होंने थोड़ी देर बाद राकेश बाबू को पुलिस के हवाले करने का वादा किया।
सर्विलांस सेल के दरोगा को सौंपा आरोपी
सूत्रों ने जानकारी दी कि थाने में तहरीर देकर लौटे परिवारीजनों ने राकेश बाबू गुप्ता से थाने में हाजिर होने को कहा। उसे थाने में प्रताड़ित किए जाने की आशंका जताते देख करीबी लोगों ने अपने परिचित पुलिसकर्मियों से संपर्क साधा। सर्विलांस सेल में तैनात एसआई बलवंत शाही के आश्वासन पर राकेश को चाय की एक दुकान पर बुलाकर उनके हवाले कर दिया गया।
पुलिस ने मालती देवी की तहरीर पर उसके पति राकेश बाबू गुप्ता के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इलाके के लोग दबी जुबान से शक जताते रहे। पांच गोलियां मारकर युवती की हत्या जैसी संगीन वारदात में पुलिस का 24 घंटे चुप्पी साधे रहने पर हैरत जताते हुए पड़ोसियों ने किसी अन्य के शामिल होने की बात कही। बताया कि इलाके में दबदबा बनाए राकेश बाबू व उसके परिवारीजन अपने घर में स्थित पार्क में बच्चों को खेलने तक नहीं देते थे। मार्टिना की एक रिश्तेदार से बेहद करीबी उसके परिवारीजनों को खटक रही थी।