सीतापुर के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र में रविवार को कुएं में उतरे पिता-पुत्र की जहरीली गैस की चपेट में आकर मौत हो गई। दोनों कुएं में गिरे बकरे को बचाने उतरे थे। सूचना पर दो घंटे बाद जब दमकल टीम पहुंची तो उन्हें बेसुध हालत में निकाला गया।
सीएचसी में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से गांव में हड़कंप मच गया। डॉक्टर का कहना है कि काफी देर तक कुएं की गैस के संपर्क में रहने के कारण उन्हें बचाना मुश्किल हो गया।
मिश्रिख के ग्राम अरबगंज निवासी संतोष (20) का बकरा गांव में ही एक सूखे कुएं में गिर गया। यह देख संतोष उसे निकालने कुएं में उतर गया। सूखे कुएं में जहरीली गैस की चपेट में आकर वह बेहोश होकर गिर गया।
कोई हलचल न देख पिता मुन्नी लाल (42) भी कुएं में उतर गया। इसी बीच वह भी गैस की संपर्क में आकर बेहोश हो गया। उधर, पिता-पुत्र को कुएं में बेसुध पड़े देख ग्रामीणों के होश उड़ गए।
सूचना पर करीब दो घंटे बाद दमकल दस्ता मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य में जुटा। दमकल दस्ते ने पहले पानी डालकर कुएं में बन रही गैस के प्रभाव को कम किया।