मृतका आए दिन उसे गालियां देती थी। बृहस्पतिवार रात को भी वह दरवाजे पर बैठकर भला बुरा कह रही थी। इस पर गुस्सा आ गया और छोटे बेेटे श्यामू के साथ घर से बाहर निकलकर झगड़ा करने लगा। बात बढ़ने पर बेटे संग मिलकर यूकेलिप्टस के डंडे से गुलाबा के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए किए।
इससे उसकी मौत हो गई। बेटे की मदद से शव कंधे पर लादकर राजन के आम के बाग में फेंक दिया। पुलिस से बचने के लिए दोनों बाग के पास खजुवा तालाब की झाड़ियों में छुप गए थे। मृतका के पति गुरू प्रसाद की बीमारी से करीब दस साल पहले ही मौत हो गई थी।
इसके मृत्यु के बाद मृतका अपने ससुर राम भरोसे, बेटे प्रकाश व बहू के साथ रहती थी। राम भरोसे की हत्या के बाद के बाद से ही डर के कारण प्रकाश पत्नी के साथ तेलीबाग में रहने लगा था।
वृद्धा के कातिल पिता पुत्र गिरफ्तार