कलात्मकता उम्र की मोहताज नहीं होती है। नवोदित फैशन डिजाइनरों के तैयार किए परिधानों को देख सहसा यकीन नहीं होता कि अभी इनका कॅरिअर शुरू हुआ है।
यह नजारा था शुक्रवार को हजरतगंज के एक होटल में, जहां जेडी इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नालॉजी के विद्यार्थियों ने अपना सालाना कलेक्शन पेश किया।
शो में परिधानों को कई वर्गों में बांटा गया था। ‘साइन मंत्रा’ के तहत साइन पेटिंग की बहुत पुरानी कला को पुनर्जीवित करने की कोशिश की गई।
‘अजना’ में पारंपरिक बिंदी का शानदार प्रयोग किया गया। वहीं ‘हया’ में अबाया, नकाब और हिजाब को आधुनिक लुक में पेश किया गया।
जिसमें चिकनकारी के महीन काम और गोटे ने इसकी खूबसूरती को चार चांद लगा दिया।
इसके अलावा लिनेन के वस्त्रों को ‘छाप’ में पेश किया गया। इस मौके पर ‘डांसिंग डॉल्स’, ‘रूरल राइडर्स’, ‘ओपेन सिसेम’, ‘फ्रोजेन इन टाइम जैसे कलेक्शन भी खूब पसंद किए गए।
संस्थान की निदेशक शिप्रा आनंद के मुताबिक, इस बार मशहूर डिजाइन रोहित बाल ने विद्यार्थियों को तकनीकी सहायता दी है।