जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि भगवान राम सिर्फ हिंदू या मुसलमान के नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के हैं। राम-रहीम कभी खतरे में थे न कभी खतरे में आएंगे।
मंदिर-मस्जिद के नाम पर सियासी लीडर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। वे शनिवार को राजधानी में ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस (एआईपीसी) की ओर से आयोजित ‘आज का भारत’ विषयक संगोष्ठी में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि शेख अब्दुला के कारण कश्मीर भारत का हिस्सा बना। जम्मू कश्मीर में 70 फीसदी मुसलमान थे, लेकिन उन्होंने कहा कि हम गांधी के हिंदुस्तान में रहना चाहते हैं। यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई व बौद्ध सब एक हैं। अब इस भावना को तोड़ा जा रहा है।
सियासी लोग बांटों और राज करो की नीति पर चलकर धर्म, जाति, उपजाति के नाम पर लोगों में फूट डाल रहे हैं। राम के नाम पर भी यही किया जा रहा है। राम सिर्फ हिंदुओं के नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के हैं। राम को मानो या अल्लाह को, बात एक है।
कहा, खतरे में राम-रहीम नहीं, देश के लीडर हैं। वे मंदिर-मस्जिद के नाम पर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। मैं हिंदुस्तान में पैदा हुआ, यहीं पला-बढ़ा और यहीं मरूंगा। हम हिंदुस्तानी हैं और हिदुस्तानी रहेंगे। जिस दिन हम पहचान लेंगे कि भगवान मेरा या तेरा नहीं होता, भगवान और खुदा मंदिर-मस्जिद में नहीं, लोगों के दिलों में रहता है, उस दिन मजहबों की नफरत मिट जाएगी। गोष्ठी का संचालन देश के पूर्व सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह ने किया।