लखनऊ। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय मत्स्य आनुवांशिक संसाधन ब्यूरो की ओर से सोमवार को राजधानी के गोसाईंगंज ब्लॉक स्थित ठाकुरपुर गांव में खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम हुआ। इसमें किसानों को जागरूक करने के साथ उनकी समस्याएं भी सुनी गईं। किसानों ने बताया कि छुट्टा जानवर की समस्या से छुटकारा नहीं मिल रहा है। लगातार शिकायत के बाद भी समस्या बरकरार है। इसके अलावा गांव में नहर का आखिरी छोर है। इससे खेत जलमग्न हो जाते हैं। सिंचाई के लिए पानी की जरूरत के समय नहर में पानी नहीं आता।
सहायक मुख्य तकनीकी डॉ.अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जागरूकता कार्यक्रम में किसानों को उर्वरकों, यूरिया और डीएपी के अत्यधिक उपयोग के रोकथाम के बारे में जानकारी दी गई। संतुलित मात्रा में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के प्रयोग पर बल दिया गया। कार्यक्रम में किसानों से कृषि विकास की योजनाओं जैसे तिलहन मिशन, दलहन मिशन एवं प्राकृतिक खेती के बारे में विचार विमर्श किया गया। कार्यक्रम में कुल 53 किसानों और वैज्ञानिकों सहित कुल 60 लोग उपस्थित थे। सभा में फसल उगाने वाले किसानों के अलावा, मछली पालन करने वाले भी मौजूद थे। गांव के प्रधान प्रवेश कुमार वर्मा ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।