लखनऊ। वर्ष 1984 में अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे का भुगतान न होने से नाराज किसानों ने बुधवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण का घेराव कर प्रदर्शन किया। हल और डंडा लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए किसानों ने नारे लगाए और मुख्यमंत्री को 13 सूत्रीय मांगपत्र प्रेषित किया।
गोमतीनगर स्थित लखनऊ विकास प्राधिकरण के गेट पर भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीयतावादी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि वर्ष 1984 में गोमतीनगर उजरियांव योजना फेज-2 के लिए 25 गावों की जमीन अधिग्रहीत की गई थी, मगर मुआवजे का भुगतान पूरी तरह से नहीं किया गया। अब किसान आज के सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अधिग्रहण के समय एलडीए ने किसानों को 4000 विकसित भूखंड देने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह भी पूरा नहीं किया गया। उन्होंने हर गांव में बारात घर की व्यवस्था करने, रेल विहार के सामने 122 चबूतरों का विकास करने और 22 चबूतरों की लाॅटरी में नए लोगों के आने से लाॅटरी निरस्त करने, बड़ा भरवारा गांव के श्मशान घाट का निर्माण कर रजिस्टर्ड कराने, गुलाम हुसैन पुरवा, रिसहा गांव में पानी की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा मुआवजे का भुगतान होने तक सभी 25 गांव बिजली, पानी, हाउस टैक्स, सीवर, शिक्षा निशुल्क की जाए।
प्रदर्शन करते किसान।
प्रदर्शन करते किसान।