कृषि कानूनों को लेकर लगातार तीन दिनों से आंदोलनरत किसान रविवार को भी अपना प्रदर्शन जारी रखने को लेकर अडिग हैं। किसान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह प्रस्ताव मानने को तैयार नहीं हैं
वहीं, किसान आंदोलन को लेकर मायावती ने रविवार को ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कृषि से संबंधित हाल में लागू किए गए तीन कानूनों को लेकर अपनी असहमति जताते हुए पूरे देश में किसान काफी आक्रोशित व आंदोलित भी हैं। इसके मद्देनजर, किसानों की आम सहमति के बिना बनाए गए, इन कानूनों पर केंद्र सरकार अगर पुनर्विचार कर ले तो बेहतर।
केन्द्र सरकार द्वारा कृषि से सम्बन्धित हाल में लागू किए गए तीन कानूनों को लेकर अपनी असहमति जताते हुए पूरे देश में किसान काफी आक्रोशित व आन्दोलित भी हैं। इसके मद्देनजर, किसानों की आम सहमति के बिना बनाए गए, इन कानूनों पर केन्द्र सरकार अगर पुनर्विचार कर ले तो बेहतर।
— Mayawati (@Mayawati) November 29, 2020
सिंघु बॉर्डर से छह किमी तक जमे 35 हजार से ज्यादा किसान
कृषि कानूनों के विरोध में किसान पिछले 33 घंटे से नेशनल हाईवे 44 पर डटे हुए हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए कंटीले तार और पत्थर हटाने के बाद भी किसान दिल्ली जाने के लिए तैयार नहीं हैं। इससे सिंघु बॉर्डर से हरियाणा की ओर 6 किमी तक करीब 35 हजार किसानों का पड़ाव हो गया है।
किसानों ने शनिवार को विरोध में केंद्र सरकार का पुतला फूंका और एकजुट होकर आंदोलन जारी रखने का आह्वान किया। पंजाबी गायब बब्बू मान और क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज भी सिंघु बॉर्डर पहुंचे।