उत्तर प्रदेश में किसानों को रबी सीजन में खाद की कोई कमी नहीं होगी। सहकारिता विभाग ने इस बार यूरिया वितरण का लक्ष्य पिछले साल के मुकाबले (38 फीसदी बढ़ाते हुए) 12.58 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 17.42 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। सरकारी और निजी क्षेत्र मिलाकर कुल 40 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 14 लाख मीट्रिक टन डीएपी वितरण की तैयारी है।
विभाग ने अक्तूबर से मार्च तक खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए माहवार रणनीति भी तैयार कर ली है। सहकारी समितियों पर खाद की कमी न होने पाए, इसके लिए अभी से गोदामों में खाद का स्टॉक रखवाया जा रहा है। खासतौर से किसानों को सहकारी साधन समितियों पर ज्यादा भरोसा होता है।
14 लाख मीट्रिक टन डीएपी का वितरित होगी
ऐसे में समितियों पर हर माह पर्याप्त खाद रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अक्तूबर से लेकर मार्च तक समितियों पर खाद की उपलब्धता को लेकर लक्ष्य तय कर लिए गए हैं। इस वर्ष रबी सीजन में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर कुल 40 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 14 लाख मीट्रिक टन डीएपी का वितरण किया जाएगा।
60 हजार क्विंटल गेहूं बीज का भी वितरण होगा
इसमें सहकारिता विभाग की ओर से अक्तूबर 2025 से लेकर मार्च 2026 तक 17.42 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 9.27 लाख मीट्रिक टन डीएपी वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह 1.92 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 9.27 लाख मीट्रिक टन फास्फेटिक खाद का वितरण किया जाएगा। इतना ही नहीं सहकारी समितियों पर 60 हजार क्विंटल गेहूं बीज का भी वितरण किया जाएगा।