पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे : जांच में खुलासा, किसानों की जमीन पर 35 मीटर अंदर तक कब्जा
नगराम में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए अधिगृहीत जमीन से हटकर किसानों जमीन पर 35 मीटर अंदर तक कब्जा कर लिया गया था।
इसका खुलासा बुधवार को अधिकारियों की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश के बाद हुआ। अब यहां से अतिक्रमण हटाया जाएगा और किसानों को उनकी जमीन लौटाई जाएगी।
गौरतलब है कि अमर उजाला ने पांच अक्तूबर के अंक में किसानों की जमीन पर कब्जे की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित की थी। किसानों ने अपना दर्द बयां करते हुए अनशन की चेतावनी दी थी।
उनका आरोप था कि औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने उनकी जमीन पर कब्जा कराया है। इसके बाद बुधवार को जिले व तहसील समेत यूपीडा के अधिकारी तहसील मोहनलालगंज के राजस्व कर्मियों के साथ आदमपुर नौबस्ता, बड़ेहा, भोला का पुरवा गांव के किसानों की जमीन की पैमाइश करने पहुंचे।
पैमाइश के दौरान एक्सप्रेस-वे निर्माण की कार्यदायी संस्था की ओर से जबरन कब्जा कर निर्माण करने की बात सामने आई।
उत्तर दिशा में 30 के बजाय 65 मीटर तक कब्जा
राजस्व विभाग की टीम के साथ बुधवार को पूरे दिन एडीएम भू अध्याप्ति मनीष कुमार नाहर, तहसीलदार मोहनलालगंज ज्ञानेंद्र सिंह, एसडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी, राजस्व निरीक्षक जेपी श्रीवास्तव, भूलेख अधिकारी उमाशंकर वर्मा, लेखपाल अहमद अब्बास, आशीष अवस्थी के साथ करीब छह लेखपाल पैमाइश के काम में लगे रहे। पैमाइश के दौरान गाटा संख्या 934, 933, 851, 863, 823 ,837, 927, 907 समेत पूरे सेक्टर के किसानों की अधिगृहीत जमीन की नाप-जोख की गई। इस मौके पर एडीएम भू अध्यप्ति के साथ एसडीएम मोहनलालगंज किंशुक श्रीवास्तव की अनुपस्थिति में सरोजनीनगर एसडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी मौजूद रहे। वहीं यूपीडा के सर्वे कर्ता, नायब तहसीलदार देवेंद्र पांडेय समेत काफी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
हटाया जाएगा कब्जा
एडीएम भू अध्याप्ति मनीष कुमार नाहर ने बताया कि नाप के दौरान पाया गया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की चौड़ाई 120 मीटर है, जिस पर 60 मीटर पर डामरीकरण किया जा चुका है। इसके दोनों ओर 30-30 मीटर चौड़ाई में सर्विस रोड प्रस्तावित है। मौके पर पाया गया कि उत्तर दिशा में यूपीडा की ओर से वास्तविक सीमा 30 मीटर से अधिक करीब 65 मीटर पर पिलर गाड़ कर पुलिया का निर्माण कराया गया, जो अवैध है। किसानों के सामने हुई पैमाइश के दौरान एक्सप्रेस वे के अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया गया। बृहस्पतिवार को दोबारा राजस्व टीम की ओर से की गई स्थलीय पैमाइश के अनुसार, पिलर गड़वाने के लिए निर्देशित किया गया।