बिल्हौर स्टेशन के गैंगमैन ने फांसी लगाकर जान दी, किसी बात से तनाव में था युवक
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फसल मवेशी खा गए और बेटी की शादी में बहुत खर्च हो गया। ऐसे में वह कर्ज कहां से जमा करेगा। इसी तनाव में एक किसान ने शुक्रवार को फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव घर के अंदर फांसी के फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
खीरों थाना क्षेत्र के मोहनपुर मजरे लोदीपुर गांव निवासी शिव कुमार (42) पुत्र महादेव यादव खेती करता था। उसने बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक रनापुर पहरौली से किसान क्रेडिट कार्ड पर ऋण लिया था। इधर मवेशियों ने पहले गेहूं की फसल बर्बाद की तो अब बारिश से धान की फसल गिर गई, जिससे किसान को लगा कि नुकसान होगा। ऐसे में वह बैंक का कर्ज कहां से अदा कर पाएगा। 25 जून 2020 को उसने अपनी बड़ी बेटी अमिता की शादी की थी। इससे उसके ऊपर कर्ज का बोझ और बढ़ गया।
घर वालों के मुताबिक इसको लेकर वह काफी परेशान था। पत्नी कमलेश कुमारी ने बताया कि गुरुवार रात सभी परिवारजन खाना खाकर सो गए। शुक्रवार को तड़के चार बजे जब उसकी आंख खुली तो देखा कि पति का शव छत के कुंडे के सहारे लटक रहा था। राजेश सिंह ने बताया कि परिवारीजन कर्ज से परेशान होकर फांसी लगाए जाने की बात बताई और तहरीर दी है।
33 हजार थी बकाया रकम
मृतक शिवकुमार ने कई बार बैंक से कर्ज लिया और उसकी भरपाई भी की, लेकिन 33 हजार रुपये कर्ज नहीं भर पाया। रनापुर पहरौली स्थित बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक राजेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि वर्ष 2014 में किसान शिवकुमार ने क्रेडिट कार्ड बनवाया था। तबसे लगातार समय से लेनदेन कर रहा था। अंतिम लेनदेन 15 जुलाई 2019 को किया था। इसमें उसने 44100 रुपये जमा करने के बाद उसी दिन 30,000 रुपये निकाले थे। बैंक का अब ब्याज समेत 33,440 रुपये बकाया है। आज तक उसे कोई नोटिस नहीं दिया गया था। न ही वसूली संबंधित कोई बात नहीं कही गई थी।