आंध्र प्रदेश के किसान विस्वानाधा राजू महज एक एकड़ के तालाब में मछली पालन से हर साल 10 लाख रुपये की आमदनी करते हैं। उन्होंने कृषि कुंभ में शनिवार को लैपटॉप पर मत्स्य पालन के तरीके का प्रदर्शन कर अपना लोहा मनवा लिया। कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजू का परिचय करवाया।
बालंगर, हैदराबाद निवासी राजू बताते हैं कि वे तीन साल में कक्षा-10 पास कर सके। इसके बाद पढ़ाई-लिखाई का इरादा छोड़ दिया। खेती में नए-नए प्रयोग शुरू किए। सबसे पहले मत्स्य पालन अपनाया। इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री पढ़ने के साथ ही उस पर अमल शुरू किया।
धीरे-धीरे वे मत्स्य पालन में मास्टर हो गए। रि-सर्कुलेट्री एक्वा कल्चर सिस्टम से मछली पालन करके लगातार मुनाफा कमा रहे हैं। उनकी सफलता देखकर अनेक राज्यों से लोग उनके पास आते हैं। वे महीने में एक दिन अपने मछली पालन केंद्र की विजिट मुफ्त में कराते हैं। इसके बाद प्रत्येक विजिट का 3000 रुपये लेते हैं।
रोपाई के लिए ईजाद किया ईजी प्लांटर
राजू ने खुद का ईजाद किया ईजी प्लांटर का भी प्रस्तुतीकरण किया। इससे धान, मिर्च, शिमला मिर्च समेत सभी पौधों की रोपाई तेजी और आसानी से कर लेते हैं। राजू कहते हैं कि भारत के अधिकतर किसान बहुत कम पढ़े-लिखे हैं, लेकिन वे अगर ठान लें तो बहुत कुछ कर सकते हैं।