लखनऊ। बीकेटी में शनिवार को बारिश के दौरान कच्चा मकान गिरने से किसान की मौत हो गई। उधर, मलिहाबाद और नगराम में कच्ची दीवारें गिरने से छह लोग घायल हो गए।
पुलिस के मुताबिक बख्शी का तालाब के भौली गांव में दोपहर 12:30 बजे बजरंग यादव (65) के ऊपर कच्ची कोठरी भरभराकर ढह गई। परिजन और पड़ोसी 30 मिनट में मलबा हटाकर उन्हें निकाल सके। हालांकि, तब तक बजरंग की सांसें थम चुकी थीं। पुलिस और तहसील की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। बजरंग के परिवार में पत्नी माया, बेटे आशीष और सुनील हैं। चार बेटियों की शादी हो चुकी है। पीड़ित परिवार की मदद के लिए राजस्व विभाग की टीम कार्य कर रही है।
मलिहाबाद के चैना मजरे रूसेना गांव में दोपहर करीब एक बजे कच्ची कोठरी की दीवार गिरने से उसके नीचे बैठा किसान सुरेश (50), बेटा रजनीश (24) और बेटी सलोनी (20) मलबे में दबकर घायल हो गए। इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने ग्रामीणों की मदद से तीनों को सीएचसी में भर्ती कराया। हालत को देखते हुए तीनों को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। सुरेश की स्थिति ज्यादा गंभीर है। सुरेश की मां मालती ने बताया कि हादसे के वक्त वह पड़ोस के घर में थीं। पत्नी विवाहित बेटी को अस्पताल में देखने संडीला गई थी। सुरेश का कच्चा घर जर्जर हो चुका है। कई बार आवेदन के बाद भी आवास नहीं मिला। राजस्व निरीक्षक जसवंत कुमार और लेखपाल प्रशांत ने बताया कि परिवार को आर्थिक मदद के लिए रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
उजड़ गई परिवार की गृहस्थी
नगराम क्षेत्र में शुक्रवार देर रात तीन बजे गोसाईंगंज के जौखंडी गांव के मजरा मुकुंदखेड़ा में बारिश के बीच संजय व अशोक के घर की कच्ची दीवारें भरभराकर ढह गईं। परिवार के लोग जान बचाकर भागे। हालांकि, बच्चे परी (4),स्नेहा (3) और साजन (7) मलबे में दब गए। परिजनों ने उन्हें बाहर निकाला। हादसे में अनाज, धान, चावल, गेहूं, कपड़े, बर्तन समेत परिवार की पूरी गृहस्थी दब गई। उप जिलाधिकारी मोहनलालगंज आकाश सिंह ने बताया कि लेखपाल को मौके पर भेजकर रिपोर्ट मंगवाकर पीड़ित को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।