लखनऊ। बंधक रखी खसरा-खतौनी दिलाने और खेत के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन हटवाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार सुबह मेरठ का एक किसान हुसैनगंज इलाके में पानी टंकी पर चढ़ गया। उसके हाथ में पेट्रोल की बोतल थी और वह बार-बार आत्महत्या करने की धमकी दे रहा था। करीब तीन घंटे की मान-मनौव्वल के बाद किसी तरह उसे नीचे उतारा गया।
एसीपी हजरतगंज अरविंद कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी किसान जियाउल हक हुसैनगंज में घोड़ा अस्पताल के पास स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। देखते ही देखते वहां भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर हुसैनगंज पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मदद के लिए फायरब्रिगेड टीम को भी बुला लिया।
हाथ में पेट्रोल की बोतल लिए जियाउल हक बार-बार आत्मदाह और टंकी से कूदकर जान देने की धमकी दे रहे थे। पुलिस ने वजह पूछी तो जियाउल हक ने बताया कि कुछ वक्त पहले उन्होंने अपनी जमीन गिरवी रखकर बैंक से लोन लिया था। वह लोन अदा कर चुके हैं लेकिन बंधक रखी उनकी खसरा-खतौनी नहीं मिल रही है। उन्होंने स्थानीय तहसीलदार पर दस्तावेज न देने का आरोप लगाया। जियाउल हक अपने खेत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को हटवाने की भी मांग कर रहे थे।
किसान के पानी टंकी पर चढ़ने की खबर पाकर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। तीन घंटे की मान-मनौव्वल के बाद किसी तरह जियाउल हक टंकी से उतरे तो हुसैनगंज पुलिस उन्हें अपने साथ थाने ले गई। एसीपी ने बताया कि मेरठ पुलिस व प्रशासन को सूचना दे दी गई है। वहां से एक टीम जियाउल हक को लेने के लिए आ रही है। एसीपी के मुताबिक जियाउल हक पहले भी अपनी मांग मनवाने के लिए मेरठ और लखनऊ में इसी तरह पानी की टंकी पर चढ़ चुके हैं।