मलिहाबाद। कसमंडी कलां गांव में डाला चढ़ाकर श्रमिक श्यामलाल (55) की हत्या के मामले में परिजनों ने बुधवार को आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई समेत अन्य मांगों के समर्थन में अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। करीब 45 घंटे बाद प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने और आश्वासन पर शाम करीब 5:30 बजे श्यामलाल का अंतिम संस्कार कराया गया।
बुधवार सुबह मलिहाबाद विधायक जयदेवी कौशल भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं और उन्हें आश्वासन दिया लेकिन परिजन मांगों पर अड़े रहे। सूचना पर डीसीपी उत्तरी अमित आनंद, एडीसीपी उत्तरी नवीन कुमार और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिवार को समझाया, जिसके बाद अंतिम संस्कार के लिए सहमति बनी।
इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी के मुताबिक, सोमवार रात करीब आठ बजे गांव का ही पड़ोसी फरजान ने नशे की हालत में कहासुनी के बाद घर के बाहर चारपाई पर बैठे श्यामलाल पर डाला चढ़ा दिया था। घटना में श्यामलाल की मौत हो गई, जबकि रूमन, उनकी बेटी पिहू, अभिनव, मिष्ठी और माया देवी घायल हो गई थीं।
घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार को करीब पांच घंटे नबीपनाह-अंधी चौकी मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया था। परिवार ने भूमि आवंटन, शस्त्र लाइसेंस, आर्थिक सहायता और नौकरी की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा था। बुधवार को ग्रामीणों ने लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी को हाउस अरेस्ट किए जाने पर भी नाराजगी जताई
इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी फरजान को गिरफ्तार कर डाला कब्जे में ले लिया गया है। पूछताछ में फरजान ने रंजिश के चलते श्यामलाल की हत्या करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि आरोपी डाला मालिक अकील और चाचा डॉ. शकील की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
श्यामलाल के परिजनों और ग्रामीणों से बात करते प्रशासनिक अधिकारी व विधायक जयदेवी कौशल।
श्यामलाल के परिजनों और ग्रामीणों से बात करते प्रशासनिक अधिकारी व विधायक जयदेवी कौशल।
श्यामलाल के परिजनों और ग्रामीणों से बात करते प्रशासनिक अधिकारी व विधायक जयदेवी कौशल।