टोल प्लाजा पर चल रहा था खेल।
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टोलकर्मियों की मिलीभगत से हो रहा खेल
परिवहन विभाग के अधिकारियों को आशंका है कि ओवरलोड वाहनों के टोल से गुजरने में कर्मियों की भी मिलीभगत है। मसलन, टोल फास्टैग से क्यों नहीं काटा जा रहा है। साथ ही ड्राइवर द्वारा मैनुएली टोल करवाने पर जो नंबर बताए जाते हैं, उनकी जांच क्यों नहीं होती। आशंका यह भी है कि ओवरलोड वाहनों से प्रतिमाह एनएचएआई के टोल पर वसूली भी होती है।
ऐसे हो रहा खेल
सूत्र बताते हैं कि टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों का टोल फास्टैग से कटता है। लेकिन ओवरलोडिंग करने वाले वाहन चालक फास्टैग की जगह मैनुअली कैश में टोल कटवाते हैं। टोलकर्मी जब उनसे वाहन का नंबर पूछता है तो जो नंबर वह बता देते हैं, उस पर ही पर्ची काट दी जाती है और पेमेंट ले लिया जाता है। कैश में पेमेंट करने पर तय से करीब दोगुना चार्ज देना पड़ता है।
ओर न छोर, मनमाने नंबरों से कट रहे टोल
टोल से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों के नंबर ऐसे-ऐसे हैं, जिसमें राज्यों का अता-पता तक नहीं है। मसलन, यूपी32 का मतलब, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पंजीकृत वाहन से है। लेकिन इटैांजा टोल प्लाजा पर एमए24पीए2736 नंबर का ओवरलोड वाहन गुजरा, लेकिन एमए किसी राज्य का कोड नहीं है।
ऐसे ही एमएटी54जे3087 भी किसी राज्य का कोड नहीं है। एमबी1एयूजीसीसी4बीआरजीएल006 नंबर देखकर अफसरों के होश उड़ गए। सीएलएमएम101469, 1सी63588694, एमएएलए6994बी5एच9874, 1एसएनएम821418, एलएएमएम060405, ओएनसीएन221310, ओएडब्लूएसएक्स55238, सीडीपीसी429482, 57जे1जे28931, 21एच1सी07579 नंबरों पर ओवरलोड वाहनों के टोल काटे गए हैं।
फर्जी नंबरों का कट रहा चालान
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फास्टैग में दर्ज विवरण से बन रहीं पर्चियां
एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों का टोल फास्टैग से काटा जाता है। ऐसे में फास्टैग में जो विवरण दर्ज होगा, उसकी ही पर्ची प्रिंट होती है। मामले में एनएचएआई की ओर से किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं है। जांच का मामला परिवहन विभाग का है। यह समझना होगा।
फर्जी नंबरों से काट रहे टोल
आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय ने बताया कि लखनऊ के टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की जांच में यह बात सामने आई है कि टोल पर फर्जी नंबरों से पर्चियां काटी जा रही हैं। ऐसे नंबर, जिनका कहीं कोई अस्तित्व नहीं है। ऐसे में हादसा होने की स्थिति में जिम्मेदारों पर कार्रवाई तक नहीं की जा सकती।