अथॉरिटी ने पांच चरणों में 67 लोगों की भर्ती की थी। इसमें से 58 कर्मियों की भर्ती में अलग-अलग तरह का फर्जीवाड़ा किया गया था। तमाम लोगों की भर्ती शैक्षिक योग्यता शिथिल कर की गई।
बैकलाग के आठ पद थे, लेकिन नियुक्ति 23 की कर दी गई। इसी तरह संविदा के 39 पद थे, लेकिन नियमित नियुक्ति कर दी गई। एससी-एसटी के लिए सुरक्षित पदों पर 5 गैर आरक्षित वर्ग के लोगों की नियुक्ति की गई।