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बंद होंगे फर्जी आईडी से एक्टीवेट हुए सिम

Thu, 14 Aug 2014 03:30 AM IST
ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ
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टेलीकॉम विभाग की विजिलेंस मॉनीटरिंग सेल अब फर्जी आईडी पर एक्टीवेट हुए संदिग्ध सिमों की धरपकड़ होम लोकेशन रजिस्टर (एचएलआर) और विजिटर लोकेशन रजिस्टर (वीएलआर) के सत्यापन से करेगी।
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इसमें दर्ज सिमकार्ड धारक की सूचना के आधार पर ही मानक के इतर फर्जी आईडी से एक्टीवेट हुए मोबाइल कंपनियों के सिमों को बंद कराया जाएगा।

टेलीकॉम इन्फोर्समेंट रिसोर्स एंड मॉनीटरिंग सेल (टर्म) की पूर्वी परिमंडल इकाई ने मोबाइल कंपनियों से सिमधारक का रिकॉर्ड रखे जाने वाले दोनों प्रमुख अभिलेख एचएलआर व वीएलआर का साल भर का विवरण तलब किया है।

संदिग्ध सिम कार्डों की नियमित जांच पड़ताल से जुड़े टेलीकॉम इंफोर्समेंट एंड मॉनीटरिंग प्रकोष्ठ के एक अधिकारी ने बताया कि एचएलआर व वीएलआर के विवरण से फर्जी आईडी से एक्टिव हुए सिमधारक को पकड़ना आसान हो जाएगा।
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दोनों ही रजिस्टरों में दर्ज सूचनाओं के आधार पर मोबाइल कंपनियों के उन सेल एजेंटों का भी पता लगाया जा सकेगा।

जिन्होंने एक मोबाइल की ईएमआई से मानक के इतर नौ से अधिक सिम कार्ड मोबाइल कंपनी के सर्विस केयर सेंटर को फर्जी आईडी व पते के आधार पर एक्टीवेट कर सीधे बेचा होगा।

उन्होंने बताया कि दूर संचार नियामक आयोग ने फर्जी आईडी व पते पर सिम प्राप्त कर उसका दुरुपयोग करने वालों पर शिकंजा कसने को हर मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों के लिए एचएलआर व वीएलआर रखना अनिवार्य कर रखा है।

मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को इन अभिलेख में अपने स्तर से बेचे जाने वाले हर एक्टीवेट सिम का लेखा-जोखा रखना जरूरी होता है। इससे किसी भी सिम के उपयोग और उसकी लोकेशन के बारे में पता लगाया जा सकता है।

ज्यादा उपयोग में आने वाले सिम कार्डों का रिकॉर्ड जहां एचएलआर में होता है। वहीं, कम उपयोग आने वाले सिम का आईडी प्रूफ व एड्रेस प्रूफ रिकॉर्ड वीएलआर में होता है।
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मोबाइल कंपनी द्वारा जारी किसी भी सिम को बेचे जाने व एक्टीवेट कराने पर इसका विवरण कंप्यूटर रिकॉर्ड में अपडेट हो जाता है।
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