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नकली सीमेंट को ब्रांडेड बनाकर करता था मोटी कमाई, छापेमारी में लखनऊ पुलिस के हत्थे चढ़ा

Mon, 26 Nov 2018 04:24 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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बरामद नकली सीमेंट - फोटो : amar ujala
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लखनऊ के  पारा थाने की पुलिस ने सूरज कुंड खेड़ा में अधबने मकान पर रविवार दोपहर छापा मारकर नकली सीमेंट बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। विभिन्न ब्रांडों की नकली सीमेंट से भरी 450 बोरियां, खाली बोरियों का रद्दा, कुप्पी, झब्बा, दुर्मुठ व फावड़ा बरामद करने के साथ फैक्ट्री संचालक शफीक को गिरफ्तार किया गया।
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वह उन्नाव के हसनगंज थाने के गांव खपरा मुस्लिम का रहने वाला है। खास बात यह है कि पुलिस टीम ने पांच महीने पहले भी फैक्ट्री संचालक को नकली सीमेंट की 15सौ बोरियों के साथ पकड़ा था। इसके अलावा काकोरी इलाके में भी उसकी नकली सीमेंट बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। 

अपर पुलिस अधीक्षक नगर पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि हत्थे चढ़े फैक्ट्री संचालक शफीक ने पूछताछ में कुबूला कि फटी बोरियों में भरी खराब सीमेंट को लाकर उसे पीसकर विभिन्न कंपनियों के बोरों में भरकर ब्रांडेड सीमेंट बताकर बेचता था।
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इससे पहले पारा थाने की पुलिस ने 30 जून को गांव सदरौना में नकली सीमेंट बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारकर शफीक को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से नकली सीमेंट से भरी 15 सौ बोरियां बरामद हुई थीं। इस दौरान उसके मुनीम की इलाके के तीन पत्रकारों से भिड़ंत हुई थी।
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नकली को ब्रांडेड बनाकर मोटी कमाई

आरोपी शफीक - फोटो : amar ujala
इसके बाद शफीक ने काकोरी के मौदा गांव स्थित मुर्गी फार्म में नकली सीमेंट बनाने का धंधा शुरू किया और 18 सितंबर को पुलिस ने छापा मारकर भारी मात्रा में नकली सीमेंट बरामद की। मौके से फरार शफीक व उसके दो साथियों पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। शफीक ने पारा इलाके में फिर से नकली सीमेंट बनाने का धंधा शुरू किया था।

 शफीक का कहना है कि वह फटी बोरियों में भरी खराब सीमेंट को सौ रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खरीदता था। कानपुर से विभिन्न कंपनियों की खाली बोरियां लाता। खराब सीमेंट को पीसने के साथ उसमें राख आदि मिलाकर कंपनियों की बोरी में भरकर सील करते और ब्रांडेड बनाकर 285 से 290 रुपये में बेचता था। नकली सीमेंट की एक बोरी पर सौ रुपये मुनाफा कमा रहा था। 

अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि शफीक ने इंटरलॉकिंग ईंट फैक्ट्री लगा रखी थी। वह उसमें नकली सीमेंट खपाता था। ऑर्डर देने वाले ठेकेदार ब्रांडेड कंपनियों के बोरे देखकर भुगतान करते थे। इसके अलावा शफीक द्वारा अन्य स्थानों पर भी नकली सीमेंट की खेप भेजे जाने को लेकर छानबीन की जा रही है। 

इस टीम ने पकड़ा 
अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार द्विवेदी, मुख्य आरक्षी कृष्णमोहन मिश्रा, आरक्षी संजय मलिक व मनीष यादव। 
 
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