सीएम योगी से मिलकर लौटता खाप चौधरियों का दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल।
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संजीव बालियान ने बसी गांव से 25 दलित परिवारों के पलायन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पलायन करने वाले दूसरे संप्रदाय के लोगों को मुआवजा दिया गया पर दलितों को नहीं मिला। पूर्व मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस मामले में सहमति जताते हुए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।
बलात्कार पीड़िताओं से हुआ भेदभाव
संजीव बालियान ने बताया कि बलात्कार के मुकदमे दर्ज होने के बाद पीड़िताओं को मुआवजा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने काकड़ा व दुल्हेरा में पीड़ित दो हिंदू महिलाओं को मुआवजा नहीं दिया।
हत्या के मुकदमों पर फैसला करेगी अदालत
पूर्व मंत्री ने बताया कि मुजफ्फरनगर दंगे में कुल 502 केसों में 6867 लोगों को नामजद किया गया था। इनमें 17 मृत थे। दंगे को लेकर तीन तरह के मामले दर्ज हुए थे। पहला दंगे के दौरान हत्या के केस, दूसरा दंगे के बाद आगजनी के केस, इनमें अधिकतर मामले फर्जी थे। तीसरे ऐसे मुकदमे जो पुलिस ने दबिश के दौरान गांवों में विरोध होने पर दर्ज किए थे। हत्या के मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, ट्रायल चल रहा है। ऐसे मामलों में अदालत फैसला करेंगी। इसलिए दंगे के बाद आगजनी और पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।
मुलाकात के बाद सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा, मुख्यमंत्री ने बातों को गंभीरता से सुना। केस वापस लेने या पुन: जांच कराकर खारिज करने की मांग से संबंधित एक भी उन्हें ज्ञापन दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्जी केस वापस होने चाहिए। उन्होंने विधिक राय लेकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।