लखनऊ। गुडंबा पुलिस ने मॉडलिंग का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने जानकी प्लाजा स्थित कॉल सेंटर से दो संचालकों को गिरफ्तार किया है। गिरोह देशभर के युवाओं से पंजीकरण और पोर्टफोलियो के नाम पर वसूली करता था। रकम मिलने के बाद युवाओं के फोन नंबर ब्लॉक कर देता था।
डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के मुताबिक मुखबिर की सूचना पर गुडंबा थाने में तैनात उपनिरीक्षक शिव शंकर और शैलेश यादव ने टीम के साथ प्लाजा की पहली मंजिल पर दुकान नंबर 13 में छापा मारा। काउंटर पर मड़ियांव गांव का शिवम श्रीवास्तव (34) और जानकीपुरम निवासी दीपिका सिंह (28) मिले। दुकान के भीतर 10 युवतियां कॉल कर रही थीं। पूछताछ में शिवम और दीपिका ने बताया कि वे डीएसडी एंटरप्राइजेज नाम से कॉल सेंटर चलाते हैं। सोशल मीडिया मंचों पर ऑनलाइन मॉडलिंग के विज्ञापन देते हैं। आवेदन के बाद व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करते हैं। इसके बाद कॉल सेंटर से स्क्रिप्ट के अनुसार कॉल कर काम दिलाने का झांसा देते थे। कंपनी की सदस्यता के लिए 999 रुपये और पोर्टफोलियो बनवाने के लिए 4000 रुपये वसूलते थे। इसके अलावा मॉडलिंग में काम दिलाने और अन्य मदों व प्रतिष्ठानों में विज्ञापन दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से कुल 10 से 25 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। काम न मिलने पर जब पीड़ित उन्हें फोन करते थे तो वे पीड़ितों के फोन उठाना बंद कर देते थे। शिवम मूलरूप से सुलतानपुर के सिविल लाइन और दीपिका अयोध्या के हैरनटीनगंज के रानीपुरवा की रहने वाली है।
गिरोह कॉल सेंटर के जरिये युवाओं को बताता था कि उनके पास मिंत्रा, मीशो, फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी कंपनियों से अनुबंध है। पुलिस ने जब शिवम से दस्तावेज मांगे तो उसके पास कोई समझौता ज्ञापन नहीं मिला। पुलिस ने दीपिका के मिले एसबीआई बैंक खाते की जांच की। छानबीन में पता चला कि एनसीआरपी पोर्टल पर इस खाते के खिलाफ मालदा, पश्चिम बंगाल और नागपुर, महाराष्ट्र से दो शिकायतें दर्ज हैं। शिवम और दीपिका के मोबाइल नंबरों के खिलाफ भी साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज पाई गईं।
पुलिस ने मौके से एसबीआई की एक चेक बुक, छह मोबाइल फोन, चार हस्तलिखित स्क्रिप्ट, 16 छायाप्रति स्क्रिप्ट और 11 कर्मचारियों के काम से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। पूछताछ में कॉल करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें जो स्कि्रप्ट लिखकर दिया जाता था वे उसे ही फोन पर बोलते थे। पुलिस ने मौके से एक लाल डायरी एबॉट और नौ रजिस्टर भी जब्त किए हैं। इन दस्तावेज में आवेदकों के नाम, मोबाइल नंबर और सदस्यता शुल्क का विवरण मिला है। पुलिस ने शिवम श्रीवास्तव और दीपिका सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।