लखनऊ। राजधानी में बिजली बिल के बकायेदारों के खिलाफ अभियान शुरू हो गया है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद मंगलवार को 26 जोनों में करीब 10 हजार कनेक्शन काटे गए। कुछ उपभोक्ताओं ने मौके पर ही ऑनलाइन बिल जमा भी किया।
चिनहट स्थित गंगा विहार निजामपुर मल्हौर, अमौसी, जानकीपुरम, डालीगंज, चांदगंज, अलीनगर और कुर्सी रोड समेत कई इलाकों में अभियान चलाया गया। अधिकांश बकायेदार घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ता हैं। बकाया न मिलने से लेसा के अमौसी, लखनऊ मध्य, जानकीपुरम और गोमतीनगर जोन के राजस्व में करीब 39 करोड़ रुपये की कमी आई है। अभियंता वीपी सिंह, रवि कुमार अग्रवाल और महफूज आलम ने बताया कि कई उपभोक्ताओं ने महीनों से बिल जमा नहीं किए थे, उनके कनेक्शन काटे जा चुके हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, पहले उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए अलर्ट मैसेज भेजे गए थे, लेकिन उन्होंने अनदेखी की, जिसके बाद विभाग ने फिर सख्ती दिखाई है।
100 फीसदी वसूली का लक्ष्य
अधिकारियों ने बताया कि 100 प्रतिशत बकाया वसूली का लक्ष्य तय किया गया है। सितंबर की तुलना में अक्तूबर में 55,277 उपभोक्ताओं ने बिल नहीं भरे। अक्तूबर में केवल 7,90,723 उपभोक्ताओं ने भुगतान किया, जबकि राजधानी में कुल उपभोक्ताओं की संख्या करीब 15 लाख है। यानी सिर्फ 52.71 फीसदी उपभोक्ताओं ने बिल भरा, बाकी 48 फीसदी से वसूली की जाएगी।
बिल जमा करने वाले उपभोक्ता रसीद दिखाएं
विभाग ने बकायेदारों की सूची जारी की है। जो उपभोक्ता अब बिल जमा कर रहे हैं, उन्हें बिजली कर्मचारियों को भुगतान रसीद दिखानी होगी। मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने कहा कि कनेक्शन काटना हमारा उद्देश्य नहीं है, लेकिन समय पर बिल जमा होना जरूरी है। कई उपभोक्ता कार्रवाई शुरू होने के बाद ही बिल भरते हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए।
कनेक्शन काटते कर्मचारी।