केस 1: चार जून को हमीरपुर में एआरटीओ ने ओमनी वैन यूपी 78 ईएम 1272 को सीज किया था. उसी दिन दोपहर में कानपुर के आरआई अजीत सिंह ने फिटनेस प्रमाणित कर दी. यह तकनीकी रूप से असंभव है कि एक ही दिन में गाड़ी दो जगहों पर पहुंच जाए. चार जून को सुबह 10:45 ओमनी वैन को फिटनेस प्रमाण पत्र समेत कई कागजात नहीं मिलने पर हमीरपुर में एआरटीओ ने इसे सीज कर दिया था. उसी दिन दोपहर में कानपुर आरटीओ कार्यालय में तैनात आरआई अजीत सिंह ने कानपुर में फिटनेस प्रमाणित कर दिया. वाहन पोर्टल से पता चला कि फिटनेस शुल्क का आंशिक भुगतान भी चार जून को ही दोपहर में किया गया था. इससे यह भी साबित हुआ कि निरीक्षण किसी पुरानी तारीख में नहीं किया गया. इसी तरह लखनऊ में मोहनलालगंज में आग का गोला बनी बस का भी एनीवेयर फिटनेस के तहत बिना भौतिक जांच के फिटनेस दिया गया था. इसमें भी आरआई भी कार्रवाई की गई थी.
केस 2: बेगूसराय से दिल्ली जा रही बस में गुरुवार सुबह मोहनलालगंज के कल्ली पश्चिम के पास आग लग गई थी, जिसमें पांच लोगों की जलकर मौत हो गई थी. दुर्घटना का शिकार हुई यूपी 17 एटी 6372 बागपत एआरटीओ कार्यालय में रजिस्टर्ड थी. बस की प्राथमिक जांच लखनऊ में तैनात एमवीआई विष्णु कुमार ने की थी. इसमें पाया कि यह बस एआईएस-119 के मानकों के अनुरूप नहीं थी. सीट ले आऊट से लेकर इमरजेंसी गेट तक नहीं था. इस बस की फिटनेस एनीवेयर फिटनेस सिस्टम के तहत गोरखपुर में की गई थी. उस समय वहां पर आरआई राघव कुमार कुशवाहा तैनात थे. अब आरआई राघव बरेली में तैनात हैं. उनकी मौजूदगी में हुई जांच की वजह से ट्रांसपोर्ट कमिश्नर बृजेश नारायण सिंह ने सस्पेंड कर दिया.
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अधिकारियों ने बना लिया जेब भरने का साधन, अब कई अफसर कार्रवाई की जद में
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने वाहन स्वामियों की सहूलियत के लिए एनीव्हेयर फिटनेस की व्यवस्था लागू की थी. इस व्यवस्था के तहत वाहन स्वामी प्रदेश के किसी भी आरटीओ कार्यालय के फिटनेस सेंटर पर अपने वाहन की फिटनेस करा सकता है, लेकिन विभाग की ये व्यवस्था विभाग पर ही भारी पड़ रही है. भ्रष्टाचारी अधिकारियों की तो चांदी हो गई है. वे बिना वाहन फिटनेस सेंटर पर जाए ही वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं. इस मामले में अभी तक प्रदेश के दो आरआई सस्पेंड हो चुके हैं जबकि अब कई अफसर जांच के दायरे में आ गए हैं. परिवहन विभाग ने प्रदेश भर से एनीव्हेयर फिटनेस का रिकॉर्ड तलब किया है. इसमें तमाम आरआई की भूमिका संदेह के दायरे में है और इन पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है.
पहले भी आरआई ऐसे ही दे चुके हैं फिटनेस
परिवहन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि जांच में यह भी सामने आया कि औरैया में भी इसी तरह का मामला हुआ था जिसमें आरआई अजीत सिंह ने एक वाहन को फिटनेस कानपुर में दी थी, जबकि वह वाहन औरैया में पुलिस ने सीज कर दिया था. आरआई की इस गलती पर परिवहन आयुक्त बीएन सिंह ने सस्पेंशन की कार्रवाई की थी.
एक साल की सभी वाहनों की होगी फिटनेस जांच
उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त बृजेश नारायण सिंह का कहना है कि एनीवेयर फिटनेस सिस्टम के तहत होने वाले सभी वाहनों की फिटनेस जांच कराई जा रही है. इस व्यवस्था के तहत कहीं का भी वाहन किसी भी जिले के सेंटर पर जाकर फिटनेस करा सकता है. पिछले एक साल में जारी ऐसे सभी फिटनेस प्रमाण पत्रों की जांच कराई जा रही है. अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) संजय सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमिटी बनाई गई है. यूपी के सभी फिटनेस प्रमाण पत्रों की जांच कर जल्द ही ये कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
कई अफसरों पर गिर सकती है गाज
परिवहन विभाग में एनीव्हेयर फिटनेस को लेकर गंभीरता से जांच चल रही है. इस जांच के दायरे में तमाम अफसर आ रहे हैं. पिछले एक साल के एनीव्हेयर फिटनेस के मामले में प्रदेश के कई आरआई पर गाज गिर सकती है, क्योंकि ऐसा कारनामा इन अधिकारियों ने किया है जिस पर सस्पेंशन होना लगभग तय माना जा रहा है. विभाग ऐसे अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई कर सकता है.
वर्जन
उत्तर प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) संजय सिंह का कहना है कि प्रदेश पर से पिछले एक साल का एनीव्हेयर फिटनेस का पूरा डाटा तैयार हो गया है. कई जगहों पर अधिकारियों ने ऐसे काम किए हैं जो सही नहीं ठहराए जा सकते. इन अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है. पूरा डाटा ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के समक्ष पेश किया जाएगा. इसके बाद कार्रवाई होगी.