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फैक्टरी मालिक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला

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सरोजनीनगर में लापता फैक्टरी मालिक अविनाश सिंह (38) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनका शव रविवार सुबह दरोगाखेड़ा के जंगल में मफलर के सहारे पेड़ से लटकता मिला।
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घटनास्थल के पास पुलिस को अविनाश की कार मिली। कार में उनके दोनों मोबाइल भी थे। पत्नी ने शनिवार देर रात उनकी गुमशुदगी की तहरीर पीजीआई थाने में दी थी।
घटना से स्मॉल इंडस्ट्री मैन्युफैक्चर एसोसिएशन में भारी आक्रोश है। एसोसिएशन ने हत्या का शक जताते हुए पुलिस-प्रशासन को चेताया है कि 72 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा।
अविनाश के परिवारीजनों ने भी हत्या का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। प्रभारी निरीक्षक सरोजनीनगर महेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, मूलरूप से सोनभद्र के ओबरा निवासी अविनाश सिंह वृंदावन सेक्टर-4 में परिवार संग रहते थे।
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परिवार में पत्नी निधि कटियार और पांच महीने के मासूम बेटे के अलावा माता-पिता हैं। अविनाश ने सरोजनीनगर के औद्योगिक क्षेत्र में नेक्स्ट जेन फूड प्रोडक्ट के नाम से नमकीन की फैक्टरी लगा रखी है।
इसमें सरोजनीनगर के कृष्णा लोक कॉलोनी निवासी संस्कार और राजस्थान के कोटा निवासी विकास साल 2007 से साझीदार हैं।
निधि के मुताबिक, अविनाश शनिवार सुबह करीब 8 बजे कार से फैक्टरी गए थे। शाम करीब 6:15 बजे फोन कर फैक्टरी से निकलकर घर आने को कहा था।
निधि के मुताबिक, अविनाश रोज आठ बजे तक घर पहुंच जाते थे। शनिवार शाम समय से नहीं पहुंचे तो कॉल की, पर अविनाश के दोनों मोबाइल बंद थे।
इस पर उन्होंने परिचितों व करीबियों को जानकारी दी और रात में पीजीआई थाने पहुंचकर गुमशुदगी की तहरीर दी थी। लेकिन पुलिस ने खुद ही खोजबीन करने की सलाह देकर लौटा दिया था।
लेकिन रविवार सुबह अविनाश का शव सरोजनीनगर में पेड़ से लटकते मिलने की सूचना पर पीजीआई पुलिस ने आनन-फानन गुमशुदगी दर्ज कर ली।
अविनाश की फैक्टरी के मजदूर ने ही की शिनाख्त
रविवार सुबह फैक्टरी जा रहे मजदूरों ने दरोगाखेड़ा के पिनवट नहर के पास शीशम के पेड़ से मफलर के सहारे शव लटकता देखा। मजदूरों का शोर सुनकर आसपास के लोग भी जुट गए। जिस मजदूर ने शिनाख्त की, वह अविनाश की फैक्टरी में ही काम करता था। सूचना पर एडीसीपी पूर्वी सैयद मोहम्मद कासिम आबिदी व एसीपी कृष्णानगर हरीश भदौरिया के अलावा पीजीआई थाने की भी पुलिस पहुंच गई। आसपास पुलिस टीम ने पड़ताल शुरू की। वहीं डॉग स्क्वाड व फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों को भी मौके पर बुलाया गया। पेड़ से 50 मीटर की दूरी पर अविनाश की कार मिली। कार के अंदर उनके दोनों मोबाइल, प्लास्टिक के दो गिलास व पानी की एक बोतल रखी मिली। पुलिस ने कार व अंदर मिले सभी सामानों को कब्जे में ले लिया है।
शरीर पर लगी थी मिट्टी, कई जगह चोट के निशान
अविनाश के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले हैं। उसके दोनों हाथों में मिट्टी लगी थी। जबकि एक पैर का आधा जूता नीचे की तरफ लटक रहा था। पड़ताल में खोजी कुत्ता घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर तक जाने के बाद लौट आया। फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों ने कार के अलावा शव और घटनास्थल के कुछ नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं।
काफी मिलनसार थे अविनाश
अविनाश सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्टरी मालिकों के संगठन में सक्रिय सदस्य थे। घटना की जानकार मिलते ही कई फैक्टरी मालिक घटनास्थल पर पहुंच गए। मौके पर मौजूद कई फैक्टरी मालिकों ने बताया कि अविनाश काफी मिलनसार थे। कई लोगों को नमकीन बनाने की ट्रेनिंग दी थी।
इंडस्ट्रियल एरिया की पुलिस पुलिस बनी अराजकतत्वों का अड्डा
स्मॉल इंडस्ट्री मैन्युफैक्चर एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि जब व्यापारी-उद्यमी सुरक्षित नहीं रहेंगे तो देश का विकास कहां से होगा। कहा कि सरोजनीनगर इंडस्ट्रियल एरिया में पुलिस चौकी तो है लेकिन वहां न तो लाइट की व्यवस्था है न ही पुलिसकर्मियों की तैनाती है। इसके चलते चौकी अराजकतत्वों का अड्डा बन गई है। उन्होंने कहा कि शिकायत पर सुनवाई होती तो शायद युवा उद्यमी को न गंवाते। एसोसिएशन के लखनऊ चैप्टर के जनरल सेक्रेटरी रितेश ने कहा कि उद्यमियों की सुरक्षा का ख्याल सरकार को रखना होगा। हमने अपना साथी खोया है। इसकी भरपाई कभी नहीं होगी। लेकिन कार्रवाई नहीं होने से अपराधियों का हौसला बढ़ेगा। सरोजनीनगर इंडस्ट्रियल एरिया के अध्यक्ष नीलमणि वार्ष्णेय का कहना है कि दोषियों की जल्द गिरफ्तारी हो। अगर 72 घंटे के अंदर दोषी पकड़े नहीं जाते हैं तो आंदोलन होगा।
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