लखनऊ। अलीगंज सेक्टर-डी निवासी फैक्टरी संचालिका विप्रा शुक्ला ने पांच लोगों पर लाइसेंस, टैक्स और सौदे के 1.50 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। अलीगंज पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
विप्रा के अनुसार, बाराबंकी के कुर्सी में उनकी अल्स्टाइल मर्चेंडाइजिंग फैक्टरी थी। 2015 में यहां एक्वाश्योर पानी की बॉटलिंग होती थी। कोरोना काल में वह लोन की किस्त नहीं भर पाईं। उन्होंने फैक्टरी बेचने के लिए एनर्जी बेवरेजेस के बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर गौरव पांडेय से संपर्क किया। गौरव ने अपने रिश्तेदार अरुण द्विवेदी और दामाद योगेश शुक्ला को फैक्टरी खरीदने का प्रस्ताव दिया। सितंबर 2020 में 1.80 करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ। आरोपियों को छह माह में भुगतान करना था, पर दो वर्ष बाद भी थोड़ी ही रकम चुकाई।
विप्रा के अनुसार, ससुर-दामाद उन्हीं के नाम पर फैक्टरी चलाते रहे। साथ ही कुछ दस्तावेज पर उनके फर्जी हस्ताक्षर भी किए। आरोपियों ने करुणा शंकर शुक्ला और दीपक को साझेदार बनाया। आरोपियों ने उनके लाइसेंस का उपयोग किया, पर फीस और जीएसटी नहीं भरा। फैक्टरी अपने नाम न कराने से विभाग उन पर दबाव बनाने लगे। उन्हें कई नोटिस मिले, जिससे उन्हें करीब 1.50 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।
उन्होंने पुलिस आयुक्त से इनकी शिकायत की। इंस्पेक्टर अलीगंज सोनकर के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला सही पाए जाने पर योगेश, दीपक, करुणा शंकर, अरुण द्विवेदी और गौरव पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना में जो भी साक्ष्य मिलेंगे उस आधार पर कार्रवाई जाएगी।